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जंगली इलाकों में बढ़ रहा है कोल्ड ड्रिंक्स का क्रेज

Updated at : 30 Apr 2025 8:34 PM (IST)
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जंगली इलाकों में बढ़ रहा है कोल्ड ड्रिंक्स का क्रेज

एक दौर था, जब मेहमान का स्वागत शरबत से हुआ करता था.

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संतोष, बेतला एक दौर था, जब मेहमान का स्वागत शरबत से हुआ करता था. लेकिन आधुनिकता के दौर में शरबत बनाने की किसी को फुरसत नहीं है. आज घरों में शरबत बनाने के बजाय कोल्ड ड्रिंक्स धड़ल्ले से पिया और पिलाया जा रहा है. विशेष तौर पर बच्चे व युवाओं के लिए कोल्ड ड्रिंक्स पीना आम बात है और अब तो बड़े-बुजुर्ग भी मजबूरन ही सही कोल्ड ड्रिंक्स का स्वाद ले रहे हैं. कुछ वर्ष पहले कोल्ड ड्रिंक पीने और पिलाने का सिलसिला सिर्फ शहरों में होता था लेकिन आज गांव में इसकी पकड़ मजबूत हो गयी है. अति नक्सल प्रभावित इलाके के गांव में भी आज कोल्ड ड्रिंक की बिक्री हो रही है. बरवाडीह प्रखंड के कभी लात- चुंगरू ऐसे इलाके थे, जहां रात तो रात दिन के उजाले में भी लोग जाने से डरते थे. लेकिन अब वहां भी कोल्ड ड्रिंक्स मजे से पीने के लोग शौकिन हो गये हैं. शादी विवाह का अवसर हो जन्मदिन का पार्टी हो अथवा किसी अन्य छोटे अवसर पर गांव में जब मेहमान पहुंचते हैं, तब वहां सबसे अधिक कोल्ड ड्रिंक पिलाने का दौर चलता है. बताया जाता है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान कोल्ड ड्रिंक का क्रेज काफी अधिक बढ़ गया है. लोग को कोल्ड ड्रिंक्स को पीना और पिलाना शान समझते हैं.यही कारण है कि गांव के छोटे-छोटे दुकानों में भी कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलें बेचीं जा रही है. दुकान चाहे किराना का हो या चाय पकोड़े का सभी जगह कोल्ड ड्रिंक की धुआंधार बिक्री हो रही है. सुबह शाम तो लोगों की भीड़ उमड़ती ही है. रात में भी लोग टाइम पास के लिए कोल्ड ड्रिंक्स की बोतल पीते नजर आते हैं. लिट्टी -समोसे के साथ पानी की जगह कोल्ड ड्रिंक्स पीते हैं: इलाके में छोटे दुकानों में आज लिट्टी समोसे के साथ लोग पानी पीने के बजाय कोल्ड ड्रिंक्स की बोतल खरीदते हैं. इनमें युवाओं की संख्या अधिक है. कोल्ड ड्रिंक में भी वैसे ड्रिंक्स को चुनते हैं जो एनर्जेटिक कोल्ड ड्रिंक के रूप में चर्चित हैं. पानी नहीं पीने से स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ेगा, इससे बेफिक्र लोग चाट समोसे के साथ कोल्ड ड्रिंक का आनंद लेना शान समझते हैं. घर-घर बिजली पहुंचाने से कोल्ड ड्रिंक की बिक्री हुई शुरू पिछले कुछ वर्ष पहले घर-घर बिजली पहुंचाने का काम किया गया है. सुदूरवर्ती इलाके में भी बिजली पहुंच गयी है. बिजली पहुंचाने के कारण लोग फ्रिज और फ्रीजर खरीद लेते हैं और कोल्ड ड्रिंक की बिक्री शुरू कर देते हैं . जंगल पहाड़ से घिरे गांव में भी आज आसानी से इसलिए कोल्ड ड्रिंक उपलब्ध हो रहा है. कोल्ड ड्रिंक बेचने वाली एजेंसी इसके लिए सक्रिय है उनके द्वारा आर्डर करते ही सामान को पहुंचा दिया जाता है. पैकेट बंद खाद्य पदार्थों की भी हो रही है धड़ल्ले से बिक्री: पैकेट बंद चिप्स और अन्य नमकीन पदार्थों की भी बिक्री गांव में धड़ल्ले से हो रही है. में इन्हें बच्चों को खाने की लत पड़ गई है सुबह उठते ही बच्चे जिद करते हैं और माता-पिता के द्वारा उन्हें इस तरह के पैकेट बंद खाद्य पदार्थ को दिया जाता है स्वास्थ्य के नफा नुकसान देखे बगैर लोग पैकेट बंद खाद्य पदार्थों की खरीद कर रहे हैं. इनमें एक्सपायरी डेट के भी खाद्य पदार्थ हैं. एक दौर था जब गांव में बच्चे घर की बनी रोटियां खाते थे लेकिन आज स्थिति बदल गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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