सावन में बेतला के जंगल में गूंज रही मोरों की पिहू-पिहू, याद आ रही रफी-जॉनी वॉकर की मुलाकात

Updated:
विज्ञापन

मोर | Prabhat Khabar Network

सावन की फुहारों के बीच बेतला नेशनल पार्क में मोर मदमस्त होकर नाच रहे हैं। जानिए मोहम्मद रफी और जॉनी वॉकर से जुड़ी बेतला की यह अनकही और भावुक कहानी।

विज्ञापन

संतोष कुमार की रिपोर्ट

आपके शहर में

विज्ञापन

बेतला नेशनल पार्क. सावन की रिमझिम फुहारें शुरू होते ही झारखंड का ऐतिहासिक ''बेतला नेशनल पार्क'' प्रकृति के अद्भुत रंगों से सराबोर हो चुका है. आसमान में उमड़ते काले बादल और सघन वन क्षेत्र में चलती ठंडी हवाएं फिल्म मिलन के उस अमर गीत को ताजा कर रही हैं— "सावन का महीना, पवन करे सोर, जियरा रे झूमे ऐसे, जैसे बनमा नाचे मोर. " आज बेतला के जंगलों में मोर वाकई मदमस्त होकर नाच रहे हैं.

1 जुलाई से 30 सितंबर तक पार्क पूरी तरह बंद

लेकिन वन्यजीवों के प्रजनन काल के कारण एक जुलाई से 30 सितंबर तक पार्क पूरी तरह बंद होने से इस नजारे को देखने वाली इंसानी आंखें मौजूद नहीं हैं. ऐसे में बेतला की फिजाओं में साल 1980 का वह ऐतिहासिक और भावुक कर देने वाला वाकया तैर जाता है, जब हिंदी सिनेमा के दो दिग्गज इस धरती पर आये थे.

जीवन के अंतिम पड़ाव पर बेतला पहुंचे थे मोहम्मद रफी

यह बात साल 1980 की है, जब अपनी जादुई आवाज से दुनिया को दीवाना बनाने वाले महान गायक मोहम्मद रफी अपने जीवन के अंतिम क्षणों में सुकून की तलाश में बेतला नेशनल पार्क आये थे. उनके साथ उस समय इंडस्ट्री में अपने पैर जमा रहे मशहूर कॉमेडियन जॉनी वॉकर भी पहुंचे थे. बेतला के शांत और नैसर्गिक वातावरण में रफी साहब ने पल गुजारे थे. चश्मदीद बताते हैं कि प्रकृति के इस आंचल में आकर रफी साहब अपनी सारी थकान भूल गए थे.

जॉनी वॉकर की चुटकी और रफी साहब की अमर मुस्कान

बेतला से विदाई का वह पल बेहद भावुक था. जब गाड़ियों में सामान लोड किया जा रहा था और दोनों फनकार विदा हो रहे थे, तब माहौल के एकांत को देखते हुए जॉनी वॉकर ने अपने चिरपरिचित मजाकिया अंदाज में चुटकी ली थी.उन्होंने रफी साहब का मशहूर गाना याद करते हुए कहा था— "रफी साहब! इस बंद और शांत जंगल में आपके इतने मधुर सुरों को भला किसने सुना? यहां तो वही हाल हुआ कि जंगल में मोर नाचा, किसने देखा! " जॉनी वॉकर के इस वन-लाइनर पर रफी साहब खुलकर मुस्कुराए थे. इसके कुछ ही समय बाद (31 जुलाई 1980 को) रफी साहब इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन बेतला के इस वीराने में जॉनी वॉकर द्वारा कही गयी वह बात आज भी यहां की हवाओं में गूंजती है.

इंसानी शोर थमा, तो आज सच में जंगल में मोर नाचा, किसने देखा

आज 46 साल बाद बेतला में जॉनी वॉकर की वह बात सौ फीसदी सच साबित हो रही है. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के नियमों के कारण पर्यटकों की नो-एंट्री है. सफारी गाड़ियों का शोर पूरी तरह बंद है. ऐसे में बेतला के राष्ट्रीय पक्षी ''मोर'' सैलानियों के कैमरों और शोर से दूर, अपनी मर्जी के मालिक बन चुके हैं.

पिहू-पिहू'' की आवाज से गूंज रहा है जंगल

बेतला के मुख्य वॉच टावर, केचकी संगम और जंगल के अंदरूनी रास्तों पर मोरों के बड़े-बड़े झुंड डेरा जमाए हुए हैं. जैसे ही सावन की फुहारें गिरती हैं, नर मोर अपने भारी और रंग-बिरंगे पंखों को फैलाकर बेखौफ होकर थिरकने लगते हैं.पूरा जंगल इन दिनों मोरों की सुरीली ''पिहू-पिहू'' की आवाज से गूंज रहा है.यह एक ऐसा अलौकिक नृत्य है जिसे आज सिर्फ बेतला की प्रकृति और सुरक्षा में तैनात वनकर्मी ही देख पा रहे हैं.

ये भी पढ़ें: मानसून में निखरा पलामू टाइगर रिजर्व का सौंदर्य, उफनती नदियां और झरने बने आकर्षण का केंद्र, उमड़ रहे पर्यटक

वन्यजीवों का ''हनीमून पीरियड'', सुरक्षा में जुटी टीमें

प्रकृति का यह सन्नाटा वन्यजीवों के लिए वरदान है. वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मानसून का यह समय जानवरों का प्रजनन काल होता है. इंसानी दखल न होने से मोर, चीतल, सांभर, गौर और हाथियों के झुंड बेहद तनावमुक्त होकर जंगलों और जलाशयों के पास घूम रहे हैं. इस दौरान शिकारियों से मोरों और अन्य जीवों की रक्षा के लिए वन विभाग की टीमें हाथियों पर सवार होकर और पैदल ''स्पेशल मानसून पेट्रोलिंग'' कर रही हैं.

ये भी पढ़ें: झारखंड का सबसे ऊंचा लोध फॉल में जलस्तर बढ़ा, लकड़ी के पुल पर पर्यटकों की आवाजाही पर रोक

1 अक्टूबर को नए कलेवर में खुलेगा बेतला का द्वार

यह तीन महीने का समय बेतला के लिए एक ''कायाकल्प'' की तरह है. प्रकृति और वन्यजीव खुद को तरोताजा कर रहे हैं. एक अक्टूबर को जब सैलानियों के लिए पार्क दोबारा खोला जाएगा, तब तक मोरों का यह एकांत नृत्य थम चुका होगा और वे एक बार फिर इंसानों का स्वागत करने के लिए नए रूप में तैयार मिलेंगे. तब तक के लिए, रफी साहब की यादों और जॉनी वॉकर के उस मशहूर जुमले को समेटे बेतला का यह जादुई संसार अपनी ही धुन में मुस्कुरा रहा है.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola