Digital युग में भी Netwok को तरस रहा हेरहंज, पातम-डाटम जलप्रपात आने वाले सैलानियों की बढ़ी परेशानी
डाटम-पातम जलप्रपात | Prabhat Khabar Network
डिजिटल युग में भी हेरहंज प्रखंड के कई इलाके मोबाइल नेटवर्क से वंचित हैं. प्रसिद्ध पातम-डाटम जलप्रपात पर भी सैलानियों को कनेक्टिविटी की समस्या से जूझना पड़ता है. ग्रामीणों ने सरकार से मोबाइल टावर लगाने की मांग की है.
हेरहंज से प्रदीप यादव यादव की रिपोर्ट
हेरहंज (लातेहार). आज के दौर को डिजिटल युग कहा जाता है. इस युग में भी कुछ-कुछ इलाकों में मोबाइल फोन से बात होना दुर्लभ हो जाता है. ऐसा ही कुछ इलाका हेरहंज प्रखंड भी है. मोबाइल फोन और इंटरनेट जहां लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं, वहीं हेरहंज प्रखंड के कई इलाकों में आज भी मोबाइल नेटवर्क की सुविधा दुर्लभ बनी हुई है.
पातम-डाटम जलप्रपात में भी नेटवर्क की समस्या
प्रखंड क्षेत्र का प्रसिद्ध पातम-डाटम जलप्रपात इसका एक उदाहरण है. जहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं, लेकिन पहुंचने के बाद उन्हें मोबाइल नेटवर्क की समस्या से जूझना पड़ता है. पातम-डाटम जलप्रपात के आसपास डोरांग, खिराखाड़, पाडरम जैसे गांव हैं, जहां अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आदिम जनजाति (परहिया) समुदाय के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं.
ऊंचे स्थानों पर जाकर नेटवर्क तलाशते हैं ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जरूरी फोन करने के लिए ग्रामीणों को कई बार ऊंचे स्थानों या नेटवर्क मिलने वाले इलाकों की तलाश करनी पड़ती है.
आपात स्थिति में भी संपर्क करना मुश्किल
वहीं, पातम-डाटम जैसे पर्यटन स्थल पर नेटवर्क सुविधा नहीं होने से सैलानियों को भी परेशानी होती है. आपात स्थिति में परिजनों से संपर्क करना या किसी तरह की मदद के लिए फोन करना मुश्किल हो सकता है. पर्यटन स्थल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए भी पर्यटकों को नेटवर्क उपलब्धता पर निर्भर रहना पड़ता है.
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ग्रामीणों ने कहा- डिजिटल कनेक्टिविटी से अब भी वंचित हैं गांव
ग्रामीणों का कहना है कि देश डिजिटल युग की ओर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन हेरहंज प्रखंड के कई गांव अब भी बुनियादी डिजिटल कनेक्टिविटी से वंचित हैं. आजादी के 80वें वर्ष में भी यदि किसी क्षेत्र के लोगों को मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी संचार सुविधा के लिए जूझना पड़े, तो यह चिंता का विषय है.
मोबाइल टावर लगाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित दूरसंचार कंपनियों से क्षेत्र में मोबाइल टावर स्थापित कर निर्बाध नेटवर्क सुविधा बहाल करने की मांग की है. उनका कहना है कि नेटवर्क सुविधा मिलने से न केवल ग्रामीणों को राहत मिलेगी, बल्कि पातम-डाटम आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी और क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी.
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