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दलित महिला पर हमले के खिलाफ माले का प्रतिरोध मार्च

Updated at : 13 Jun 2025 9:57 PM (IST)
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दलित महिला पर हमले के खिलाफ माले का प्रतिरोध मार्च

भाकपा माले ने शुक्रवार को पांकी की महादलित महिला लछोइया कुंवर पर हुए हमले के विरोध में प्रतिरोध मार्च निकाला.

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प्रतिनिधि, बरवाडीह

भाकपा माले ने शुक्रवार को पांकी की महादलित महिला लछोइया कुंवर पर हुए हमले के विरोध में प्रतिरोध मार्च निकाला। यह घटना 6 जून को बसडीहा निवासी विद्यासागर पांडेय ने की थी. माले कार्यकर्ताओं ने प्रखंड मुख्यालय स्थित पुराने ब्लॉक परिसर से मार्च की शुरुआत की, जो बाजार के मुख्य मार्गों से होते हुए आंबेडकर चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गयी. मार्च में प्रदर्शनकारियों ने महादलित महिला लछोइया कुंवर को न्याय दो, अपराधी विद्यासागर पांडेय को गिरफ्तार करो, दलितों पर जुल्म करना बंद करो, पलामू पुलिस प्रशासन चुप क्यों, जवाब दो नारे लगा रहे थे. माले के जिला सचिव बिरजू राम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, आजादी के 75 वर्ष बाद भी पलामू प्रमंडल में सामंती सोच और दलितों पर अत्याचार खत्म नहीं हुआ है. लछोइया कुंवर पर हमला इसी मानसिकता का परिणाम है. एक साल के भीतर पाटन, पांडी और गढ़वा क्षेत्रों में कई दलितों पर हमले हुए, लेकिन अधिकांश मामलों में कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने बताया कि विद्यासागर पांडेय ने लछोइया कुंवर को सिर्फ इसलिए बुरी तरह पीटा, क्योंकि उन्होंने उसके यहां गोबर फेंकने से इनकार कर दिया. आरोपी ने घर में घुसकर महिला को जातिसूचक गालियां दी और जमकर मारपीट की।. वर्तमान में पीड़िता का इलाज सदर अस्पताल, डालटनगंज में चल रहा है.सभा का संचालन प्रखंड सचिव राजेंद्र सिंह ने किया। मौके पर सुदामा राम, घनश्याम राम, सुदर्शन राम, कृष्णा सिंह, लुरुक सिंह, मंजू देवी, कमलेश सिंह, किशुन सिंह, डॉ. रमेश कुमार सहित बड़ी संख्या में माले कार्यकर्ता व स्थानीय लोग उपस्थित थे.सभा का संचालन प्रखंड सचिव राजेंद्र सिंह ने किया। मौके पर सुदामा राम, घनश्याम राम, सुदर्शन राम, कृष्णा सिंह, लुरुक सिंह, मंजू देवी, कमलेश सिंह, किशुन सिंह, डॉ. रमेश कुमार सहित बड़ी संख्या में माले कार्यकर्ता व स्थानीय लोग उपस्थित थे.

प्रशासन को दी चेतावनी

श्री राम ने कहा, यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता और आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तो माले मजबूर होकर बड़ा जनांदोलन शुरू करेगी. लछोइया सिर्फ एक उदाहरण है, आज सैकड़ों लछोइया कुंवर उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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