निबंधन कृषि के लिए, उपयोग व्यावसायिक

कृषि कार्य के लिए निबंधित ट्रैक्टर के इंजन का उपयोग व्यावसायिक कार्य मेंप्रतिनिधि, लातेहारजिले में कृषि कार्य के लिए निबंधित ट्रैक्टर के इंजन का उपयोग व्यावसायिक कार्य में धड़ल्ले किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार कृषि कार्य के लिए निबंधित ट्रैक्टर को शुल्क में कई प्रकार की रियायत दी जाती है. कृषि कार्य के […]
कृषि कार्य के लिए निबंधित ट्रैक्टर के इंजन का उपयोग व्यावसायिक कार्य मेंप्रतिनिधि, लातेहारजिले में कृषि कार्य के लिए निबंधित ट्रैक्टर के इंजन का उपयोग व्यावसायिक कार्य में धड़ल्ले किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार कृषि कार्य के लिए निबंधित ट्रैक्टर को शुल्क में कई प्रकार की रियायत दी जाती है. कृषि कार्य के लिए निबंधित ट्रैक्टर के इंजन पर सालाना 100 रुपये ही टैक्स देना पड़ता है. फायदे के लिए लोग ट्रैक्टर का निबंधन कृषि कार्य के लिए कराते हैं, लेकिन ट्रैक्टर के इंजन में ट्रॉली लगा कर उसका व्यावसायिक उपयोग करते हैं. जिससे सरकार को राजस्व की चपत लग रही है. ट्रॉली का शुल्क 600 रुपये तिमाहीइस संबंध में पूछे जाने पर जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि जिस ट्रैक्टर के इंजन में ट्रॉली लगा दिया गया है, उसे व्यावसायिक ट्रैक्टर माना जायेगा. ऐसे ट्रैक्टर के ट्रॉली के लिए 600 रुपये तिमाही यानी 2400 रुपये सालाना शुक्ल विभाग को देना पड़ता है. अगर कोई ट्रैक्टर मालिक कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर निबंधित कराते हैं और ट्रॉली लगा कर उसका व्यावसायिक उपयोग करते हैं, तो यह दंडनीय है. इसमें पांच हजार रुपये तक जुर्माना है. उन्होंने कहा कि अगर ट्रैक्टर में ट्रॉली लगाया गया है, तो उसका निबंधन आवश्यक है.25 प्रतिशत ही निबंधित हैंपरिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 25 प्रतिशत ट्रैक्टर के ट्रॉली का निबंधन है. शेष में बिना लाइसेंस के ही ट्रॉली लगा कर व्यावसायिक प्रयोग किया जा रहा है.
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