गड़बड़ी बड़ी, कार्रवाई छोटी

क्रियान्वयन व राशि निकासी में बड़ा फासला सुनील कुमार लातेहार : मनरेगा कार्यो के क्रियान्वयन में जिला में सबसे बुरा हाल मनिका प्रखंड की विशुनबांध पंचायत का है. वित्तीय वर्ष 2010-11 में इस पंचायत में करीब तीन करोड़ की योजनाएं ली गयी थी. अधिकतर मनरेगा से संबंधित थीं. कई योजनाएं धरातल पर उतरी ही नहीं […]
क्रियान्वयन व राशि निकासी में बड़ा फासला
सुनील कुमार
लातेहार : मनरेगा कार्यो के क्रियान्वयन में जिला में सबसे बुरा हाल मनिका प्रखंड की विशुनबांध पंचायत का है. वित्तीय वर्ष 2010-11 में इस पंचायत में करीब तीन करोड़ की योजनाएं ली गयी थी. अधिकतर मनरेगा से संबंधित थीं. कई योजनाएं धरातल पर उतरी ही नहीं और राशि की निकासी हो गयी. कई योजनाओं में प्राक्कलित राशि से भी अधिक भुगतान किया गया.
मनरेगा राष्ट्रीय परिषद के सदस्य व वरीय अर्थशास्त्री प्रोफेसर ज्यां द्रेज एवं रितिका खेड़ा की टीम ने विशुनबांध में हुई वित्तीय अनियमितता को सोशल ऑडिट के माध्यम से उजागर किया था. मामले में गड़बड़ी देख मनरेगा सहायता केंद्र मनिका के प्रभारी जेम्स हेरेंज ने तत्कालीन उपायुक्त आराधना पटनायक से पत्राचार किया. जिसके आलोक में तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी मनिका प्रताप टोप्पो ने पत्रंक 10/म. दिनांक 11.05.2013 के माध्यम से थाना प्रभारी मनिका को प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया. प्राथमिकी मनिका थाना कांड सं. 31/13 दिनांक 11.05.2013 भादवि की धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120 (वी) के तहत दर्ज हुई.
मामले में विशुनबांध पंचायत के मुखिया झमन सिंह, कनीय अभियंता गुंजन कुमार, पंचायत सेवक ब्रजकिशोर यादव, रोजगार सेवक बिहारी राम, बिचौलिया रघुनंदन यादव, पंकज यादव एवं संतोष राम को आरोपी बनाया गया. प्राथमिकी दर्ज होने के उपरांत कतिपय बिचौलिये खुद को निदरेष साबित करने में सफल रहे. उक्त मामले में मुखिया झमन सिंह तथा बिचौलिया रघुनंदन यादव पर ही पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र समर्पित किया. पुन: मनिका प्रखंड के वरीय प्रभारी पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने ज्ञापांक 145/ गो. दिनांक 25.04.2013 के माध्यम से उपायुक्त से पत्रचार कर मनरेगा में गड़बड़ी करने वालों की सूची साक्ष्य सहित प्रस्तुत की.
जिसमें कनीय अभियंता गुंजन कुमार, पंचायत सेवक ब्रजकिशोर यादव, रोजगार सेवक बिहारी राम, मुखिया झमन सिंह, बिचौलिया रघुनंदन यादव, पंकज यादव, संतोष राम के अलावा मनिका प्रखंड प्रमुख महेश सिंह को घोटाले का आरोपी माना. वरीय प्रभारी पदाधिकारी ने प्रमुख समेत सभी आठ आरोपियों पर मनरेगा अधिनियम एवं भारतीय दंड विधान के तहत अलग से मुकदमा दर्ज करने का प्रतिवेदन उपायुक्त सह जिला कार्यक्रम समन्वयक को दिया, लेकिन उपरोक्त आरोपियों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ. ऊपर से पूर्व में दर्ज मामलों में उन्हें क्लिन चिट भी दे दिया गया.
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