दसलक्षण पर्व पर झुमरीतिलैया में उत्तम सत्य धर्म की आराधना, मुनि सुयश सागर ने दिया वाणी संयम का संदेश

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कार्यक्रम में शामिल समाज के लोग. | Prabhat Khabar Network

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झुमरीतिलैया में दसलक्षण पर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म की आराधना हुई. जैन मुनि सुयश सागर गुरुदेव ने सत्य को जीवन में आचरण का विषय बताते हुए वाणी संयम की सीख दी.

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झुमरीतिलैया. जैन धर्मावलंबियों ने दसलक्षण पर्यूषण पर्व के पांचवें दिन उत्तम सत्य धर्म की आराधना की. झुमरीतिलैया में चातुर्मास कर रहे जैन मुनि श्री 108 सुयश सागर गुरुदेव ने प्रवचन में कहा कि सत्य जहां खिलता है, वहां भगवान का वास होता है. सत्य केवल बोलने का विषय नहीं, बल्कि जीवन में आचरण का विषय है. सत्य ही ईश्वर है और इसकी अनुभूति अंतरंग चेतना से की जा सकती है.

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अहिंसा के साथ सत्य की पुष्टि करता है जैन दर्शन

मुनिश्री ने कहा कि जैन दर्शन अहिंसा के साथ सत्य की पुष्टि करता है. ऐसी बात कहना, जिससे किसी को हानि न पहुंचे, ही वास्तविक सत्य है. क्रोध, मान, माया और लोभ के रहते सत्य धर्म प्रकाशित नहीं हो सकता. इन विकारों से मुक्त होकर ही जीवन में सत्य का प्रकाश आता है.

उन्होंने कहा कि भगवान राम ने पिता के आदेश पर वनवास स्वीकार कर सत्य और वचनबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत किया. सत्य की परीक्षा होती है और उसे दबाने का प्रयास भी किया जाता है, लेकिन अंततः विजय सत्य की ही होती है.

वाणी में संयम रखने की सीख

मुनिश्री ने वाणी में संयम बरतने की सीख देते हुए कहा कि शब्दों के विष से महाभारत जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं. व्यक्ति को स्पष्टवादी और सत्यनिष्ठ होना चाहिए.

दसलक्षण पर्व के तहत बड़ा मंदिर में मूलनायक भगवान पारसनाथ की प्रथम कलश एवं महाशांतिधारा का सौभाग्य पूरणमल, जयकुमार व सुमित सेठी परिवार को मिला. पांडुकशिला पर पद्मप्रभु भगवान को विराजमान कर प्रथम अभिषेक व शांतिधारा का सौभाग्य विजय विकास सेठी परिवार को विवेक सेठी के जन्मदिवस पर मिला. आरजव छाबड़ा को भी जन्मदिवस पर यह सौभाग्य मिला.

पंडाल परिसर में भगवान महावीर स्वामी के प्रथम अभिषेक का सौभाग्य जयकुमार-सुमित सेठी एवं सुशील-शोभा पांडया परिवार को मिला. महाशांतिधारा अशोक, अजय, अमित व वैभव सेठी तथा हजारीमल, नरेश व ऋषि कासलीवाल परिवार ने की.

नया मंदिर पानी टंकी रोड में भगवान महावीर की शांतिधारा का सौभाग्य सुशीला देवी, संदीप, आशीष व संजय सेठी तथा हनुमान, नवीन व प्रवीण पाटनी परिवार को मिला. भगवान आदिनाथ की बेदी पर शांतिधारा पारस सेठी परिवार एवं सुमित छाबड़ा के पुत्र के जन्मदिवस पर आरजव छाबड़ा परिवार ने की.

बच्चों ने प्रस्तुत किये धार्मिक कार्यक्रम

रविवार रात विद्यासागर पाठशाला के बच्चों ने प्रश्नमंच और एक मिनट जैसे धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये. विजेताओं को सुरेश झाझंरिया व आयुषी झाझंरिया ने सम्मानित किया.

जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन व राजकुमार अजमेरा ने बताया कि रात में बिट्टू दीदी का प्रवचन, भव्य आरती तथा नन्हे-मुन्ने बच्चों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया.

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