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जिले के 7,37,667 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य

Updated at : 30 Jan 2025 9:28 PM (IST)
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जिले के 7,37,667 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 10 से 25 फरवरी तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम चलाया जायेगा़ 10 फरवरी को जिले के 759 बूथों पर 1518 दवा प्रशासक द्वारा सात लाख से अधिक लोगों को अपने सामने दवा खिलाने का लक्ष्य है़

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कोडरमा. फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 10 से 25 फरवरी तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम चलाया जायेगा़ 10 फरवरी को जिले के 759 बूथों पर 1518 दवा प्रशासक द्वारा सात लाख से अधिक लोगों को अपने सामने दवा खिलाने का लक्ष्य है़ इस अभियान की सफलता के लिए 98 सुपरवाइजर भी क्रियाशील रहेंगे़ वहीं छूटे हुए लोगों को 11 से 25 फरवरी तक दवा प्रशासक घर-घर जाकर अपने सामने डीइसी व एल्बेंडाजोल की खुराक देंगे. यह जानकारी उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में दी. उपायुक्त ने कहा कि मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है़ शत प्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करें. अधिक-से-अधिक लोगों को दवा का सेवन कराने के लिए पोस्टर बैनर लगाकर जागरूक करें. उन्होंने फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिले के सभी लोगों से दवा लेने की अपील की़ बैठक के समापन से पूर्व उपायुक्त ने सभी को जिले को फाइलेरिया मुक्त करने की शपथ दिलायी़ जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को लेकर जिले के 669 गांव में 759 बूथों पर दवा प्रशंसकों द्वारा पर्यवेक्षकों की देखरेख में 7,37,667 लोगों को दवा खिलाई जायेगी़ अभियान के दौरान सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व हेल्थ सब सेंटर, सदर अस्पताल पर लोगों को दवा खिलाई जायेगी़ एक से दो साल तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली (200 एमजी) पानी में घोलकर, दो से पांच वर्ष तक को डीइसी की एक गोली (100 एमजी), एल्बेंडाजोल की एक गोली (400 एमजी), 6 वर्ष से 14 वर्ष तक डीइसी की दो गोली (200 एमजी), एल्बेंडाजोल की एक गोली, 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीइसी की तीन गोली 300 (एमजी) व एल्बेंडाजोल की एक गोली खिलायी जायेगी, जबकि एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं व अत्यंत वृद्ध एवं गंभीर बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जायेगी़ किसी को भी खाली पेट यह दवा नहीं खानी है़ डॉ मनोज ने बताया कि फाइलेरिया एक वेक्टर जनित लाइलाज व दूसरी सबसे बड़ी दिव्यांगता पैदा करने वाली बीमारी है़ यह गंदे पानी में पनपने वाले संक्रमित मादा क्युलेक्स मच्छर के काटने से फैलती है़ यह जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन इसे शरीर में विकृति पैदा होती है़ इस रोग से बचने के लिए सभी व्यक्तियों को दवा का सेवन करना आवश्यक है़ बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कनक कुमारी तिर्की, जिला शिक्षा पदाधिकारी अविनाश राम, जिला शिक्षा अधीक्षक अजय कुमार, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ़ रमण, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व अन्य मौजूद थे़

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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