Koderma News: मेहनत का मिला ईनाम, प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान में खिल उठे 350 मेधावियों के चेहरे

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Prabhat Khabar Pratibha Samman (9)

एक बच्ची को सम्मानित करतीं विधायक डॉ नीरा यादव

Koderma News: प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह में 350 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया. सम्मान पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे, अभिभावकों में भी उत्साह दिखा. पूरी खबर नीचे पढ़ें…

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Koderma News: शहर के बाईपास स्थित शिव वाटिका में मंगलवार को प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 का आयोजन किया गया. समारोह में जिले के 350 मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शानदार शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया. सभागार बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यालयों के प्रतिनिधियों से खचाखच भरा था. मंच पर सम्मान पाने की खुशी और दर्शक दीर्घा में गूंजती तालियों ने पूरे माहौल को यादगार बना दिया. समारोह में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद कोडरमा विधायक डॉ नीरा यादव, सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार, नगर पर्षद झुमरीतिलैया के अध्यक्ष रमेश हर्षधर, नगर पंचायत कोडरमा के अध्यक्ष साजिद हुसैन, नगर पंचायत डोमचांच के अध्यक्ष उमेश वर्मा, मॉडर्न पब्लिक स्कूल की निदेशिका संगीता शर्मा, प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सह शिक्षाविद डॉ बीएनपी वर्णवाल, कैपिटल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ अजित कुमार, प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ नरेश पंडित, विवेकानंद कॉन्वेंट स्कूल के निदेशक अनिल कुमार व अन्य ने विद्यार्थियों को मेडल व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया.

विद्यार्थियों ने पेश किए सांस्कृतिक कार्यक्रम

मेडल और प्रशस्ति पत्र हाथों में लेते ही बच्चों के चेहरे गर्व और खुशी से खिल उठे, वहीं अभिभावकों की आंखों में अपने बच्चों की सफलता का गौरव साफ झलक रहा था. सम्मान के बाद बच्चे अपने माता-पिता के साथ मेडल और प्रमाणपत्र लेकर सेल्फी खिंचवाते नजर आए. इससे पहले समारोह की शुरुआत अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की. इसके बाद विवेकानंद कॉन्वेंट स्कूल, चेचाई की छात्राओं ने मनोहारी स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर सभी का स्वागत किया. वहीं ग्रिजली विद्यालय के विद्यार्थियों ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, स्वाभिमान और बलिदान पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया. वहीं स्वागत भाषण प्रभात खबर कोडरमा के ब्यूरो प्रमुख विकास कुमार ने दिया. अतिथियों का स्वागत प्रभात खबर रांची के मार्केटिंग मैनेजर दिलीप कुमार सिंह के अलावा राजेश सिंह, गौतम राणा, किशोर यादव, सुजल भदानी, सुधीर सिंह, रंजीत बनर्जी, इंद्रदेव पांडेय, विजय शर्मा, सुनील कुमार व नवल किशोर ने किया. मंच संचालन मनोज कुमार सिंह ने किया.

प्रमाण पत्र के साथ बच्चे

बच्चों के साथ अभिभावक भी दिखे उत्साहित

समारोह में जिले के 10वीं एवं 12वीं के जिला टॉपर्स के साथ-साथ सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड के कक्षा 10 और 12 में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और जैक बोर्ड के 10वीं एवं 12वीं के जिला टॉपर और 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. किसी कारणवश जो विद्यार्थी समारोह में नहीं पहुंच सके, उनकी ओर से उनके माता-पिता ने मंच पर पहुंचकर सम्मान ग्रहण किया. सम्मान पाकर उनके चेहरे भी गर्व और खुशी से दमक उठे. अतिथियों ने अपने संबोधन में प्रभात खबर की इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है.

तस्वीर लेने व सेल्फी खींचवाने का दिखा क्रेज

सम्मान ग्रहण करने के बाद बच्चे अपने मेडल और प्रमाणपत्र के साथ माता-पिता एवं शिक्षकों के साथ तस्वीरें और सेल्फी लेते रहे. समारोह का हर पल यह संदेश देता रहा कि जब मेहनत को सम्मान मिलता है, तो केवल एक विद्यार्थी नहीं, बल्कि पूरा परिवार, विद्यालय और पूरा समाज गौरवान्वित होता है.

कार्यक्रम में मौजूद बच्चों के अभिभावक

अच्छा अंक हासिल करने से पहले अच्छा इंसान बनना जरूरी : डॉ नीरा

विधायक डॉ नीरा यादव ने प्रभात खबर की सराहना करते हुए कहा कि वर्षों से लगातार इस तरह का प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित कर बच्चों की प्रतिभा को निखारने का कार्य किया जा रहा है. यह समाज के लिए प्रेरणादायी है. उन्होंने कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य, आन-बान और शान हैं तथा समाज की पहचान भी उन्हीं से जुड़ी होती है. विधायक ने कहा कि मेरी सुबह प्रभात खबर पढ़े बिना पूरी नहीं होती, यदि कभी अखबार पढ़ने का समय नहीं मिलता तो ऐसा लगता है जैसे दिन का कोई महत्वपूर्ण काम अधूरा रह गया हो. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा में किसी मित्र या पड़ोसी से कम अंक आने पर निराश नहीं होना चाहिए, यदि आपकी सफलता से माता-पिता और शिक्षक के चेहरे पर मुस्कान आई है, वही आपकी सबसे बड़ी जीत है. उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी के भीतर यह विश्वास होना चाहिए कि वह डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस या आईपीएस बनने से पहले एक अच्छा इंसान बने. उन्होंने नदी का उदाहरण देते हुए कहा कि नदी जहां ढलान मिलती है, वहीं मुड़ जाती है, लेकिन कभी पीछे नहीं लौटती. उसी प्रकार जीवन में बीते हुए सुख-दुख को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब विद्यार्थियों के सामने भविष्य खड़ा है, जिसे बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी. जीवन में सफलता मिलने के बाद माता-पिता को कभी नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने अपने सपनों का त्याग कर बच्चों के सपनों को पूरा किया है. उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता, आत्मीयता और जीवन के संस्कार कभी भी गूगल बाबा से नहीं सीखे जा सकते, इसलिए गुरुजनों का सदैव सम्मान करें.

स्मार्ट फोन दोधारी तलवार की तरह : सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार ने कहा कि प्रभात खबर विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें सम्मानित करने का सराहनीय कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि आज के समय में स्मार्ट फोन दोधारी तलवार की तरह है. इसका सही उपयोग विद्यार्थियों को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है, जबकि गलत उपयोग उनका पूरा करियर भी बिगाड़ सकता है. उन्होंने विद्यार्थियों से अच्छे पद पर पहुंचने के साथ-साथ अच्छा इंसान बनने की भी अपील की.

जड़ों से जुड़े रहेंगे तो सफलता निश्चित मिलेगी : रमेश हर्षधर

झुमरीतिलैया नगर परिषद के अध्यक्ष रमेश हर्षधर ने कहा कि सम्मान मिलने से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास और नई शक्ति का संचार होता है. इस शक्ति के सबसे बड़े आधार माता-पिता और गुरुजन होते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पाठ्यपुस्तकों को पंक्ति-दर-पंक्ति पढ़ें और लिखकर अभ्यास करें. आज संसाधनों की कोई कमी नहीं है, इसलिए उनका सही उपयोग करें. उन्होंने कहा कि जैसे हवाई जहाज आसमान में उड़ता है, लेकिन अंततः जमीन पर ही उतरता है, उसी तरह जीवन में कितनी भी ऊंचाई मिल जाए, अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलना चाहिए. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि गलत कार्य करने से पहले एक बार माता-पिता का चेहरा जरूर याद करें, जिन्होंने अपनी इच्छाओं का त्याग कर बच्चों को पढ़ाया है। मन में नकारात्मक विचारों को स्थान नहीं दें, सफलता स्वयं आपके कदम चूमेगी.

एक बच्ची को प्रमाण पत्र देतीं विधायक डॉ नीरा यादव

वर्षों से शिक्षा के विकास में भूमिका निभा रहा प्रभात खबर : लल्लू

कोडरमा नगर पंचायत के अध्यक्ष साजिद हुसैन लल्लू ने कहा कि प्रभात खबर वर्षों से शिक्षा की प्रतिभाओं को सम्मानित कर समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है. उन्होंने सुझाव दिया कि आने वाले वर्षों में केवल मैट्रिक और इंटर के मेधावियों ही नहीं, बल्कि कोडरमा से निकलकर आईएएस, आईपीएस तथा अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने वाले युवाओं को भी इसी मंच पर सम्मानित किया जाय, ताकि छोटे विद्यार्थी उन्हें देखकर प्रेरणा ले सकें.

बच्चों पर अपनी इच्छा नहीं थोपें : उमेश वर्मा

डोमचांच नगर पंचायत के अध्यक्ष उमेश वर्मा ने कहा कि बच्चों की रुचि जिस क्षेत्र में हो, उन्हें उसी दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब तक विद्यार्थी अपने अभिभावकों के संरक्षण में रहे हैं, लेकिन आगे की पढ़ाई के लिए बाहर जाने पर उन्हें स्वयं अनुशासित और सतर्क रहना होगा. उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करने का आह्वान करते हुए कहा कि उनकी सफलता से परिवार, शहर और पूरे जिले का नाम रोशन होगा.

सफल होकर अपनों को न भूलें : संगीता शर्मा

मॉडर्न पब्लिक स्कूल की निदेशिका संगीता शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे हजारों घंटे की मेहनत, उनके सपने, माता-पिता का त्याग और गुरुजनों का मार्गदर्शन होता है. उन्होंने सभी अभिभावकों और शिक्षकों को नमन करते हुए कहा कि अच्छे अंक अवश्य महत्वपूर्ण हैं, लेकिन अंक किसी विद्यार्थी की असली पहचान नहीं होते. उसकी सोच, ईमानदारी, व्यवहार और स्वभाव उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि माता-पिता और गुरुजनों के योगदान के बिना कोई भी विद्यार्थी अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकता. आज संयुक्त परिवार कम हो रहे हैं और बच्चे पढ़ाई व नौकरी के लिए बड़े शहरों अथवा विदेश चले जाते हैं, जिससे कई बार माता-पिता उपेक्षित महसूस करते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि चाहे कितनी भी व्यस्तता हो, प्रमुख त्योहारों पर घर जरूर आएं और अपने माता-पिता के साथ समय बिताएं, ताकि उन्हें भी यह महसूस हो कि उन्होंने बच्चों को जो संस्कार दिए हैं, वे आज भी जीवित हैं.

कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं : डॉ. बीएनपी वर्णवाल

अस्वस्थ होने के बावजूद समारोह में पहुंचे शिक्षाविद सह प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसो. के जिलाध्यक्ष डॉ़ बीएनपी वर्णवाल ने कहा कि जब तक जीवित रहेंगे, इस कार्यक्रम में अवश्य आते रहेंगे. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता के आगे कोई पर्दा नहीं होता और कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है. पढ़ाई में कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं होता, इसलिए निरंतर मेहनत ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है. प्रभात खबर का यह कार्यक्रम शिक्षा के विकास के साथ साथ राष्ट्रहित में भी सहयोगी है.

सफलता की पहली सीढ़ी माता-पिता और शिक्षक : अभिषेक

गोल इंस्टीट्यूट रांची के कोऑर्डिनेटर अभिषेक कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी सफलता के सबसे महत्वपूर्ण दो स्तंभ उनके माता-पिता और शिक्षक हैं. उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपने अभिभावकों और गुरुजनों के सम्मान में जोरदार तालियां बजाने का आग्रह करते हुए कहा कि यही सफलता की पहली सीढ़ी है, अंतिम नहीं. उन्होंने कहा कि प्रभात खबर का प्रतिभा सम्मान समारोह हर वर्ष विद्यार्थियों में नई ऊर्जा भरता है. कई ऐसे अधिकारी और विशिष्ट लोग आज मुख्य अतिथि बनकर यहां आते हैं, जिन्हें कभी इसी मंच पर सम्मानित किया गया था. यह सम्मान बच्चों के भीतर आगे बढ़ने की नई उम्मीद जगाता है. उन्होंने कहा कि कोडरमा जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और यहां के बच्चे बेहद होनहार हैं.

क्लास में पास होना और जिंदगी में पास होना अलग-अलग

कैपिटल यूनिर्वसिटी के रजिस्ट्रार डॉ अजीत कुमार ने कहा कि क्लास में पास होना और जिंदगी में पास होना दोनों अलग-अलग बात है. परिवार के बिना समाज, और समाज के बिना राष्ट्र नहीं है. माता-पिता आपके साथ हैं तो आगे चलकर आप उन्हें सहारा देंगे. उन्होंने कहा कि हमारे संस्थान में 75 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यार्थियों का फीस माफ किया जाएगा. उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आप अच्छा करें और आगे बढें.

प्रतिभा को नई उड़ान देने का है यह मंच : अनिल

विवेकानंद कान्वेंट स्कूल चेचाई के निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि प्रभात खबर का यह कार्यक्रम प्रतिभाओं को नई उडान देने का मंच है, जो प्रतिभा सम्मानित हो रहे हैं, उनके साथ अभिभावकों व शिक्षकों को भी सम्मान मिल रहा है. इस आयोजन के लिए प्रभात खबर की पूरी टीम बधाई की पात्र है.

सही मार्गदर्शन सफलता की कुंजी है : मनोज

पुरुषार्थ क्लासेस सुपर-21 के निदेशक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि इस तरह के सम्मान समारोह विद्यार्थियों के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और नई प्रेरणा का संचार करते हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद 80 से 90 प्रतिशत अंक प्राप्त करते हैं. यदि उन्हें सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को सेल्फ स्टडी, शिक्षक के मार्गदर्शन और सही शिक्षण संस्थान के चयन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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