खान एवं खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ झामुमो ने किया धरना-प्रदर्शन

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झामुमो ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक के विरोध में राज्य के विभिन्न प्रखंडों में धरना-प्रदर्शन किया. विधायकों ने विधेयक को आदिवासियों और ग्रामीणों के हितों के खिलाफ बताया.

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खूंटी. खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक के विरोध में शनिवार को खूंटी प्रखंड मुख्यालय में झामुमो ने धरना-प्रदर्शन किया. इस अवसर पर खूंटी विधायक राम सूर्या मुंडा ने कहा कि खान एवं खनिज से जुड़े प्रावधानों का सीधा असर जल, जंगल और जमीन पर पड़ सकता है. आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में खनिज संसाधनों के दोहन से पहले स्थानीय लोगों के हितों और अधिकारों का ध्यान रखना जरूरी है. उन्होंने विधेयक को वापस लेने की मांग की. धरना-प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया. मौके पर शंकर सिंह मुंडा, स्नेहलता कुंडलना, तनवीर खान सहित अन्य उपस्थित थे.

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कर्रा में भी झामुमो ने किया धरना-प्रदर्शन

कर्रा प्रखंड मुख्यालय के समक्ष भी खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक के खिलाफ झामुमो ने धरना-प्रदर्शन किया. इस अवसर पर खूंटी विधायक राम सूर्या मुंडा ने कहा कि भाजपा सरकार हम लोगों को लूटना चाहती है. हम सभी को एकजुट होकर केंद्र सरकार के विरुद्ध आंदोलन करना होगा.

तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर झारखंडवासियों का अधिकार है. उन्होंने कहा कि झारखंड से एक बोरी भी कोयला बाहर नहीं जाने देंगे. केंद्र सरकार कानून वापस नहीं लेती है, तो आंदोलन तेज किया जायेगा. सभा को केंद्रीय सदस्य मकसूद अंसारी, जिला प्रवक्ता तौकीर आलम, जिला अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष शेख फिरोज, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष राहुल केशरी, किसान मोर्चा जिला सचिव महादेव मुंडा सहित अन्य ने संबोधित किया.

मौके पर उपेंद्र पाहन, वीरेंद्र सिंह, विनोद उरांव, क्षति हेमरोम, मार्शल होरो, राजेश मुंडा, लाल मुंडा, लक्की खान, बिरसा होरो, सोशन होरो सहित अन्य उपस्थित थे.

रनिया में भी विधेयक वापस लेने की मांग

रनिया प्रखंड मुख्यालय में भी शनिवार को खान एवं खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में झामुमो ने धरना-प्रदर्शन किया. तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि खान एवं खनिज संशोधन विधेयक के प्रावधानों को लेकर ग्रामीणों में चिंता है. सरकार को जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए विधेयक को वापस लेना चाहिए.

जिला अध्यक्ष जुबेर अहमद ने कहा कि खनिज संपदा पर पहला अधिकार स्थानीय लोगों और प्रभावित क्षेत्रों के हितों का होना चाहिए. उन्होंने सरकार से विधेयक पर पुनर्विचार करने की मांग की. धरना के बाद विभिन्न मांगों को लेकर बीडीओ को ज्ञापन सौंपा गया.

मौके पर केंद्रीय सदस्य बिरेन कंडुलना, देवनाथ मघैया, अध्यक्ष गाबरियल तोपनो, सचिव फिलिप डहंगा, कोषाध्यक्ष जोसेफ भेंगरा, प्रमुख नेली डहंगा सहित अन्य उपस्थित थे.

अड़की और मुरहू में भी हुआ प्रदर्शन

इधर, अड़की और मुरहू में भी झामुमो की प्रखंड कमेटी ने धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया. अड़की में प्रखंड अध्यक्ष चंद्र सहाय शोले की अध्यक्षता में बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया.

मौके पर झामुमो जिला प्रवक्ता सह विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल, भोलानाथ लाल, संतोष कुम्हार, अर्जुन मुंडा, महावीर सिंह मुंडा, जावरा पहान, जगदीश मुंडा सहित अन्य उपस्थित थे.

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