सुजीत सिन्हा एनकाउंटर: शरीर से मिलीं 2 गोलियां, परिजनों ने उठाए सवाल, कहा- 'पहले से था जान का खतरा'
सुजीत सिन्हा की फाइल फोटो
गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. परिजनों का कहना है कि सुजीत को पहले से ही जान का खतरा था.
जामताड़ा : गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने पर परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की न्यायिक या किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. दूसरी ओर, मजिस्ट्रेट के रूप में सीओ अविश्वर मुर्मू की मौजूदगी में तीन चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करायी गयी. पैनल में डॉ दुर्गेश झा, डॉ मिकी माझी और डॉ विशाल शामिल थे. पोस्टमार्टम के दौरान शरीर से दो गोलियां बरामद हुई. चिकित्सकों ने बताया कि शरीर पर गोली लगने के निशान भी मिले हैं. विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को सौंपी जायेगी. पोस्टमार्टम के दौरान सुजीत सिन्हा के परिजन भी मौजूद रहे.
पुलिस ने परिजनों से की पूछताछ
पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत परिजनों से पूछताछ भी की. उल्लेखनीय है कि रविवार रात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को राजमहल एसडीपीओ विमलेश त्रिपाठी व बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल के संरक्षण में साहिबगंज जेल से धनबाद जेल शिफ्ट करने के लिए लाया जा रहा था. इसी दौरान जामताड़ा थाना क्षेत्र के सुपायडीह के पास कैदी वैन के दुर्घटनाग्रस्त होने पर सुजीत सिन्हा ने पुलिस जवान की राइफल छीनकर फायरिंग कर दी थी. इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हो गयी थी. सोमवार तड़के फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की तीन सदस्यीय टीम रांची से सुपायडीह पहुंची और घटनास्थल से गोलियों के खोखे, रक्त के नमूने, क्राइम सीन मैपिंग सहित अन्य तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्य एकत्र किये.
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सास बोलीं- सुजीत को पहले से ही जान का खतरा था
मृतक की सास उषा देवी ने एनकाउंटर को सुनियोजित साजिश बताते हुए कई सवाल उठाये. उनका कहना था कि जो व्यक्ति जेल से बाहर निकलना ही नहीं चाहता था, वह पुलिस हिरासत भागने या जवानों पर गोली चलाने की कोशिश कर करेगा? उन्होंने दावा किया कि सुजीत को पहले से जान का खतरा था और इस संबंध में उसने झारखंड हाइकोर्ट में रिट याचिका भी दायर की थी. उन्होंने पुलिस की ओर से जारी घटनास्थल की तस्वीरों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले शव सड़क पर दिखा, जबकि बाद की तस्वीरों में जंगल के भीतर दिखाई दिया और मौत के बाद भी उनके हाथों में हथकड़ी लगी दिखी. उषा देवी ने धमकी दी है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो उनकी बेटी और नाती आत्मदाह करेंगे.
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लेखक के बारे में
By समीर उरांव
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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