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मोक्ष प्राप्त का एक मात्र उपाय कथा का श्रवण : महाराज

Updated at : 07 Nov 2025 9:50 PM (IST)
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मोक्ष प्राप्त का एक मात्र उपाय कथा का श्रवण : महाराज

नाला. बंदरडीहा पंचायत अंतर्गत पिंडारगड़िया गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन से भक्ति का माहौल बना हुआ है.

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– नाला के पिंडारगड़िया गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भावगत कथा शुरू नाला. बंदरडीहा पंचायत अंतर्गत पिंडारगड़िया गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन से भक्ति का माहौल बना हुआ है. शाम ढलने के साथ ही कथा स्थल पर भक्त वैष्णवों की भीड़ उमड़ने लगी है. प्रथम रात्रि आनंदधाम के कथावाचक गौर हरिदास बाबा जी महाराज ने भागवत की महिमा का मधुर वर्णन किया. कहा कि धर्म की स्थापना एवं अधर्म के नाश के लिए सभी युगों में भगवान अवतार के रूप में अवतरित होते आए हैं. उनकी लीलाएं होती है और गुणगान करते हुए कर्म-धर्म के साथ ही महायज्ञ होते हैं. भगवान जीव के प्रेम एवं उसकी करुण पुकार जरूर सुनते हैं. कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण कथा को श्रवण करने वाले भक्त निश्चित रूप से मोक्ष प्राप्त कर लेते हैं, जिस प्रकार राजा परीक्षित श्राप से मुक्त हो गये. अनेकानेक राक्षस और पापी भी उस परमात्मा की कृपा से मुक्ति हुए. पा गए. श्रीमद्भागवत कथा के महात्म में भक्ति, ज्ञान और मोक्ष के बारे में बताया गया है. इसे सुनने और समझने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ होता है. जीवन के उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद मिलती है. भगवान के प्रति प्रेम बढ़ता है. भक्ति योग में भगवान के प्रति समर्पण, प्रेम एवं सेवा के माध्यम से मोक्ष की प्राप्त होती है. वहीं ज्ञान योग में अपने भीतर की सच्चाई जानने तथा सांसारिक माया मोह को त्याग कर मोक्ष प्राप्त होती है. कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य को ज्ञान की प्राप्त होती है. सांसारिक माया मोह से दूर वैराग्य की ओर ले जाता है. सूतजी ने कहा कि मनुष्य को समस्त पापों से मुक्ति दिलाकर मोक्ष प्रदान करने वाला शास्त्र श्रीमद्भागवत पुराण है. सूतजी ने शौनकजी से इसकी महिमा का बखान किया. कहा कि अब मैं आपको वह कथा सुनाता हूं, जो सनकादिक ऋषियों ने नारदजी को सुनाई थी. महाराज ने कहा कि जिस प्रकार शापित राजा परीक्षित को मोक्ष प्राप्त करने के लिए सुकदेव ने श्रीमद्भागवत कथा सुनाई. ठीक उसी प्रकार संसार में आकर मनुष्य को भगवद-भजन करते हुए बुरे कर्म से दूर रहते हुए सत्कर्म करना चाहिए. कथा प्रारंभ से पूर्व भगवान की आरती उतारी गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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JIYARAM MURMU

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