सच्चा प्रेम व अटूट विश्वास के आगे सभी बाधाएं होती है समाप्त : आचार्य

Updated at : 17 Mar 2026 8:15 PM (IST)
विज्ञापन
सच्चा प्रेम व अटूट विश्वास के आगे सभी बाधाएं होती है समाप्त : आचार्य

बिंदापाथर. लायबनी गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा संपन्न हो गया.

विज्ञापन

प्रतिनिधि, बिंदापाथर. लायबनी गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा संपन्न हो गया. अंतिम दिन वृंदावन के कथावाचक आचार्य कुलदीप कृष्णा महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया. कथा के समापन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे. आचार्य ने बताया कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण को अपने पति के रूप में स्वीकार कर चुकी थी, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया था. इस संकट की घड़ी में रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर उन्हें विदर्भ आने का आग्रह किया. बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी के प्रेम और भक्ति का सम्मान करते हुए विदर्भ पहुंचकर उन्हें मंदिर से ही अपने साथ ले गए. इसके बाद रुक्मी और अन्य राजाओं ने उनका पीछा किया, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने सभी को पराजित कर रुक्मिणी को सुरक्षित द्वारका ले आए. वहां विधि-विधान से दोनों का विवाह संपन्न हुआ. आचार्य ने बताया कि सच्चे प्रेम और अटूट विश्वास के आगे सभी बाधाएं समाप्त हो जाती हैं. उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान के प्रति समर्पण और भक्ति का संदेश दिया. कथा के समापन पर भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे. आयोजन के मुख्य जजमान उत्तम पंडित शाह रहे. कार्यक्रम को सफल बनाने में लायबनी ग्रामवासी गुरुपद पंडित, लखन पंडित, मगाराम पंडित, बबलू पंडित, भीखू पंडित, चंडीकांत पंडित, भीमसेन महतो आदि का योगदान रहा.

विज्ञापन
UMESH KUMAR

लेखक के बारे में

By UMESH KUMAR

UMESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola