एक वर्ष में 300 विद्युत रेल इंजन निर्माण कर विभाग को सौंपा

मिहिजाम : चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना की डानकुनी इकाई से सर्वोत्तम उत्पादन की उंचाइयों को पार करते वर्ष 2017-18 को 300वें विद्युत इंजन का निर्माण कर विभाग को भेज दिया है. चिरेका के इतिहास में एक स्वर्णिम दिवस के रूप में माना जायेगा. 6000 अश्व शक्ति के आइजीबीटी तकनीक से युक्त विद्युत रेल इंजन के […]
मिहिजाम : चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना की डानकुनी इकाई से सर्वोत्तम उत्पादन की उंचाइयों को पार करते वर्ष 2017-18 को 300वें विद्युत इंजन का निर्माण कर विभाग को भेज दिया है. चिरेका के इतिहास में एक स्वर्णिम दिवस के रूप में माना जायेगा. 6000 अश्व शक्ति के आइजीबीटी तकनीक से युक्त विद्युत रेल इंजन के उत्पादन में चिरेका ने तिगुनी वृद्धि की है. चिरेका विद्युत रेल इंजनों के निर्माण के क्षेत्र में नयी उंचाइयों को हासिल करेगा. उत्पादन में बढ़ोतरी के अलावा रेल इंजन के डिजाइन में भी बहुत सारे तकनीकी बदलाव किये हैं. लोको चालक की सहूलियत के लिए ड्राइवर कैब का वातानुकूल,
चालक के लिए आरामदायक सीट की व्यवस्था, इंजन में ही बायो-टॉयलेट का प्रावधान, ऑडियो व वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था, विद्युतीय सिग्नल आदान-प्रदान प्रणाली इत्यादि नयी तकनीक से युक्त विद्युत रेल इंजनों का उत्पादन किया जा रहा है. चिरेका ने आरडीएसओ लखनऊ तथा डीजल रेल इंजन कारखाना वाराणसी के साथ मिल कर एक डब्लूडीजी 3ए डीज़ल रेल इंजन को विद्युत रेल इंजन में परिवर्तित किया है. बढ़ती हुई मांग को पूरा करने हेतु चिरेका ने डीजल रेल इंजन कारखाना वाराणसी व डीजल लोको मॉडर्निजेशन कारखाना पटिआला को 27 विद्युत रेल इंजन उत्पादन करने में भी सहायता दी. वित्तीय वर्ष के अंत तक इसके और आगे भी चिरेका नयी उपलब्धियां हासिल करेगा.
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