Jamshedpur News : एक माह से सब्जी और अखबार विक्रेता बनकर अनुज की गोविंदपुर व गदड़ा में तलाश कर रही थी यूपी एसटीएफ

Updated at : 04 Apr 2025 1:09 AM (IST)
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Jamshedpur News : एक माह से सब्जी और अखबार विक्रेता बनकर अनुज की गोविंदपुर व गदड़ा में तलाश कर रही थी यूपी एसटीएफ

Jamshedpur (Shyam Jha) : अंतरराज्यीय गिरोह का कुख्यात अपराधी अनुज कनौजिया की तलाश उत्तर प्रदेश की पुलिस के अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा और महाराष्ट्र की पुलिस को भी थी.

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जिला पुलिस को नहीं थी भनक, अनुज की पुष्टि होने पर डीजीपी कार्यालय से संपर्क कर झारखंड एटीएस से ली मदद

अनुज के भाई समेत गिरोह के पांच साथी का हो चुका है एनकाउंटर

उत्तर प्रदेश के अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, रांची में भी वारदात को अंजाम दे चुका है अनुज व उसका गिरोह

Jamshedpur (Shyam Jha) :

अंतरराज्यीय गिरोह का कुख्यात अपराधी अनुज कनौजिया की तलाश उत्तर प्रदेश की पुलिस के अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा और महाराष्ट्र की पुलिस को भी थी. वह पिछले पांच साल से सभी राज्यों की पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था. पिछले करीब दो माह से अनुज कनौजिया छोटा गोविंदपुर के अमलतास सिटी स्थित भूमिहार मेंशन में रह रहा था. लेकिन जिला पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी. अनुज कनौजिया की तलाश में पिछले एक माह से उत्तर प्रदेश की एसटीएफ की टीम छोटा गोविंदपुर-गदड़ा समेत आसपास के क्षेत्र में सब्जी विक्रेता, अखबार विक्रेता बनकर घूम रही थी. लेकिन इसकी भी जानकारी जिला पुलिस को नहीं दी गयी थी. 28 मार्च को यूपी एसटीएफ को अनुज कनौजिया के भूमिहार मेंशन में होने का पुख्ता प्रमाण मिला. जिसके बाद यूपी एसटीएफ की टीम ने झारखंड डीजीपी कार्यालय से संपर्क कर झारखंड एटीएस का सहयोग मांगा. इस पूरे मामले में जिला पुलिस को शामिल नहीं किया गया था. 29 मार्च की सुबह से ही एसटीएफ की टीम सादे लिवास में अनुज कनौजिया पर नजर रख रही थी. उत्तर प्रदेश की एसटीएफ की 12 सदस्यीय टीम शहर के एक होटल में ठहरी हुई थी. जहां से हर दिन अनुज कनौजिया की गिरफ्तारी के लिये योजना बनायी जा रही थी. अनुज कनौजिया के भूमिहार मेंशन में होने की पुष्टि होने के बाद शाम से ही टीम उसके आसपास घूम रही थी और रात होने का इंतजार कर रही थी, ताकि क्षेत्र में एनकाउंटर के दौरान दहशत का माहौल ना बन सके और अनुज कनौजिया उसका फायदा उठाकर भाग ना सके. कारण कि अनुज कनौजिया शातिर अपराधी था. वह उत्तर प्रदेश के डॉन मुख्तार अंसारी गिरोह का शार्प शूटर था. इसके अलावा उसके गिरोह के सदस्य सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के लिये भी काम कर चुके थे. अनुज दोनों हाथों से गोली चलाने में माहिर था. झारखंड एटीएस की टीम के पहुंचने के बाद रात करीब 10 बजे एसटीएफ की टीम ने अपनी कार्रवाई शुरू की. टीम की अगुवाई कर रहे यूपी एसटीएफ के डीएसपी धीरेंद्र कुमार साही ने बताया कि हमलोगों को अनुज कनौजिया की पिछले पांच वर्षों से तलाश थी. अनुज की तलाश उत्तर प्रदेश के मऊ, बनारस, गाजीपुर, के अलावा महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और ओडिशा पुलिस को भी थी. उसके खिलाफ सरकार की ओर से इनाम की भी घोषणा की गयी थी. जमशेदपुर में रहकर वह उत्तर प्रदेश के कारोबारी, ठेकेदार, व्यापारी और उद्यमी से रंगदारी की मांग करता था. उसका क्षेत्र में इतना दहशत था कि कारोबारियों ने दुकान के आगे अपना मोबाइल नंबर तक लिखना बंद कर दिया था. उन्होंने बताया कि अनुज कनौजिया उत्तर प्रदेश के अलावा मुंबई, खड़गपुर, रांची और ओडिशा में कई वारदात को अंजाम दे चुका है. उत्तर प्रदेश में मऊ के अलावा गाजीपुर, बनारस में उसका आतंक था. पिछले एक माह से जमशेदपुर में रहकर अनुज की तलाश कर रहे थे. इसके लिये सब्जी विक्रेता, अखबार विक्रेता के अलावे अगल-अलग वेष में रहना पड़ा.

गिरोह के पांच सदस्यों का हो चुका है एनकाउंटर

डीएसपी धीरेंद्र कुमार साही ने बताया कि अनुज कनौजिया के गिरोह के पांच सदस्यों की जान एनकाउंटर में जा चुकी है. अनुज का भाई भी पुलिस एनकाउंटर में ही मारा गया था. इसके अलावा गिरोह के हरीश पासवान, पंकज यादव, राकेश पांडेय उर्फ हनुमान व एक अन्य पुलिस एनकाउंटर में मारा जा चुका है. अनुज कनौजिया काफी शातिर बदमाश था. वह हमेशा स्थान बदल कर रहता था. उसका रांची, झरिया, नवादा, खड़गपुर, ओडिशा में भी रहने का ठिकाना था. गिरोह का सदस्य हरीश पासवान सीवान के सांसद शहाबुद्दीन के लिये भी काम करता था. वह भी कुख्यात अपराधी था. गिरोह में कई लोग शामिल हैं. उनकी तलाश की जा रही है.

नक्सलियों के भी संपर्क में था अनुज

उन्होंने बताया कि अनुज कनौजिया का संबंध नक्सलियों से भी था. बिहार के नवादा में भी अनुज का संबंध नक्सलियों से था. वह ईंट भट्ठा संचालक और जमीन कारोबारियों से भी रंगदारी में रुपये वसूलता था. उसके गिरोह में कई सदस्य हैं. अनुज के पास मिले नाइन एमएम के पिस्तौल की जांच की जा रही है. उसने मऊ में पुलिसकर्मियों की भी हत्या की थी. उक्त मामले का भी मिलान किया जा रहा था.

बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था अनुज

डीएसपी धीरेंद्र कुमार साही ने बताया कि छोटा गोविंदपुर में शशि शेखर ने अनुज कनौजिया के रहने की व्यवस्था की थी. अनुज के पास पिस्तौल के अलावा बम भी था. वह जमशेदपुर में भी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था. शशि शेखर की तलाश की जा रही है. उसकी गिरफ्तारी के बाद ही अन्य जानकारी ईकट्ठा हो सकेगी.

एनकाउंटर में गोली लगने से घायल हुये थे डीएसपी

गत 29 मार्च की रात छोटा गोविंदपुर के अमलतास सिटी के भूमिहार मेंशन में अनुज कनौजिया के एनकाउंटर के दौरान यूपी एसटीएफ के डीएसपी धीरेंद्र कुमार साही गोली लगने से घायल हो गये थे. गोली लगने के बाद उन्हें टीएमएच में भर्ती कराया गया था. टीएमएच में इलाज के बाद डीएसपी धीरेंद्र कुमार साही वापस लौट गये हैं.

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