Jamshedpur news. 20 घंटे बाद ही मानगो में पानी की आपूर्ति में सुधार, मानक गुणवत्ता पर सप्लाई शुरू
Author Pradip chandra keshav
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पहले पानी में क्लोरीन की मात्रा कम थी, लेकिन अब यह समस्या दूर हो गयी
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Jamshedpur news.
मानगो में प्रशासनिक सख्ती का सकारात्मक असर शनिवार को देखने को मिला है. एक दिन पहले जांच के दौरान खुलासा हुआ था कि मानगो में सप्लाई पानी मानक स्तर पर सही नहीं है. उसमें क्लोरीन की मात्रा कम है. डीसी कर्ण सत्यार्थी और मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार की सख्ती से 20 घंटे बाद ही मानगो में पानी की आपूर्ति में सुधार हो गया और पानी की सप्लाई मानक गुणवत्ता के अनुरूप लोगों को मिलने लगा. पहले पानी में क्लोरीन की मात्रा कम थी, लेकिन अब यह समस्या दूर हो गयी है. शुक्रवार को डीसी कर्ण सत्यार्थी के आदेश पर मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और शिकायतकर्ता के आवास का औचक निरीक्षण किया था. उस दौरान जांच में खुलासा हुआ था कि मानगो में सप्लाई पानी मानक स्तर पर सही नहीं है. उसमें क्लोरीन की मात्रा भी कम है.शिकायतकर्ता के आवास पर दूसरी बार हुई पानी की जांच
शनिवार को मानगो नगर निगम के कनीय अभियंता अमित आनंद, जितेंद्र कुमार सोरेन, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता आशुतोष पाठक, हिमांशु मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने पानी की सप्लाई के समय अपराह्न 11 बजे शिकायतकर्ता एमडी हफीज के आवास पहुंचे और पानी का सैंपल लेकर पानी में क्लोरीन रेसिडुअल टेस्ट किया कि पानी पीने योग्य है या नहीं और इसमें हानिकारक बैक्टीरिया या वायरस है या नहीं. टेस्ट स्ट्रिप को पानी में डुबाने पर तुंरत पानी का रंग बदल गया, जबकि एक दिन पहले जांच में यह रंग नहीं बदल रहा था. जांच में पानी का मानक स्तर सही मिलने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली.शिकायतकर्ता सहित तीन घरों के सैंपल की होगी लैब में जांच, 48 घंटे में आयेगा रिपोर्ट
शिकायतकर्ता एमडी हफीज, एमडी आफताब, एमडी इम्तियाज सहित तीनों घरों के पानी का सैंपल जांच के लिए शनिवार को मानगो नगर निगम और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की टीम ने लिया. जिसे जांच के लिए आदित्यपुर भेजा गया है. अधिकारियों के अनुसार 48 घंटे में रिपोर्ट आने की संभावना है. लैब में पानी में टर्बिलिटी, पीएच मान, कंडेक्टिविटी, टीडीएस, टोटल हार्डनेश, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फ्लोराइड, एल्किनिटी, आयरन, नाइट्रेट, सल्फेट आदि तत्व की लैब में जांच होगी. यह जांच आयन मीटर, पीएच मीटर, कंडेक्टिविटी मीटर, टॢबडिटेमीटर, स्पेक्ट्रोफोटोमीटर सहित अन्य यंत्र से की जायेगी. पानी की जांच कर देखा जायेगा कि कौन सा तत्व कितना कम और ज्यादा है. उसके बाद कमी या फिर तत्व की अधिकता का लेवल बराबर करने उपाय बताये जाते हैं. जिससे कि पानी का सेवन करने से शरीर पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़े.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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