जमशेदपुर के हिमांशु हत्याकांड पर पूर्व सीएम का सरकार पर हमला, पीड़ित परिवार से की मुलाकात

Updated:
विज्ञापन
Himanshu Murder Case

आदित्यपुर में पीड़ित परिवार से बात करते झारखंड के पूर्व सीएम रघुवर दास. फोटो: प्रभात खबर

Himanshu Murder Case: झारखंड में जमशेदपुर के हिमांशु हत्याकांड पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर राज्य सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, अपराध नियंत्रण के ठोस कदम और 3 जुलाई के जमशेदपुर बंद को न्याय की लड़ाई बताया.

विज्ञापन

जमशेदपुर से ब्रजेश सिंह की रिपोर्ट

Himanshu Murder Case: जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी में हुई हिमांशु सिंह की हत्या को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने घटना को कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए कहा कि इस मामले में केवल हमलावरों पर ही नहीं, बल्कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए. दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को तत्काल जेल भेजा जाना चाहिए.

आदित्यपुर पहुंचकर परिजनों को बंधाया ढांढस

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित दिवंगत हिमांशु सिंह के आवास पहुंचे. उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया. इस दौरान उन्होंने घटना की जानकारी परिवार के सदस्यों से ली और कहा कि भाजपा इस मामले को गंभीरता से उठा रही है. बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के सामने हिमांशु सिंह पर चापड़ से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई थी. इस हमले में एक अन्य युवक प्रत्युष भी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसका इलाज चल रहा है.

पुलिस की कार्रवाई पर जताया असंतोष

रघुवर दास ने कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है. उनके अनुसार, पुलिस की मौजूदगी में अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि पुलिस यदि समय पर कार्रवाई करती तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था. उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए.

‘जमशेदपुर ही नहीं, पूरे राज्य में बढ़ रहा अपराध’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जमशेदपुर में लगातार चापड़बाजी और अन्य आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं, जो राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का संकेत हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं से आम लोगों में भय का माहौल है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे झारखंड में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है. राज्य में अपराधियों का मनोबल ऊंचा है और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें: Himanshu Murder Case: भाजपा का तीन जुलाई को जमशेदपुर बंद का ऐलान, दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग

भाजपा ने 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का किया समर्थन

रघुवर दास ने बताया कि भाजपा ने इस घटना के विरोध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप दिया है. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और कानून-व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद आयोजित किया जाएगा. उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि पुलिस महकमे में तबादला और पदस्थापन योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि पैसे के बल पर किए जा रहे हैं. इसी कारण पुलिस व्यवस्था कमजोर हुई है और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक हिमांशु सिंह के परिजनों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक भाजपा इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी.

इसे भी पढ़ें: पूर्व विधायक पौलुस सुरिन और नक्सली जेठा कच्छप को हाईकोर्ट से राहत, दोहरे हत्याकांड में बरी

विज्ञापन
Kumarvishwat Sen

लेखक के बारे में

By Kumarvishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola