0000 पटमदा और घाटशिला में सबसे कम 877 लिंगानुपात, प्रसव पूर्व लिंग जांच की आशंका

Author Ashok jha
Updated:
विज्ञापन
0000 पटमदा और घाटशिला में सबसे कम 877 लिंगानुपात, प्रसव पूर्व लिंग जांच की आशंका

जिले में गिरते लिंगानुपात और स्वास्थ्य सेवाओं की सुस्त रफ्तार पर डीसी राजीव रंजन ने कड़ा रुख अपनाया है. शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित मासिक स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में डीसी ने दो टूक कहा कि बेटियों को बचाने के लिए प्रशासन किसी भी हद तक जायेगा.

विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में डीसी ने घटते लिंगानुपात पर जतायी नाराजगी

बोले- बेटियों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जायेगा प्रशासन

अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों, अवैध नर्सिंग होम और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ चलेगा सघन जांच अभियान

जिले की सभी 231 पंचायतों में तैनात होंगे एक-एक ममता वाहन

डेंगू की रोकथाम के लिए नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत निगरानी बढ़ाने का निर्देश

वरीय संवाददाता, जमशेदपुर

दो प्रखंडों पटमदा में प्रति 1000 पुरुषों पर 877 और घाटशिला में 877 लिंगानुपात पाया गया, जो जिले में सबसे कम है. गिरते लिंगानुपात और स्वास्थ्य सेवाओं की सुस्त रफ्तार पर डीसी राजीव रंजन ने कड़ा रुख अपनाया है. शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में डीसी ने लिंगानुपात के आंकड़ों पर गहरी नाराजगी जतायी. दो टूक कहा, बेटियों को बचाने के लिए प्रशासन किसी भी हद तक जायेगा. डीसी ने प्रसव पूर्व लिंग जांच की आशंका जताते हुए सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में सक्रिय अवैध नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई करें. ज्ञात हो कि 2011 की जनगणना के अनुसार जिले में प्रति 1000 पुरुषों पर 949 महिलाएं थीं. सामान्य जाति में लिंगानुपात 923, अनुसूचित जाति में 984 तथा अनुसूचित जनजाति में 1,006 थीं.

उन्होंने जिले की सभी 231 पंचायतों में अनिवार्य रूप से एक-एक ममता वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाने और घर छोड़ने में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. बैठक में मुख्य रूप से सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, डॉ जोगेश्वर प्रसाद, डॉ रंजीत पांडा, डॉ ए मित्रा, डॉ मृत्युंजय धावड़िया सहित सभी एमओआइसी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी मौजूद थे.

घर में होने वाले प्रसव पर जतायी चिंता

डीसी ने धालभूमगढ़ में 13, डुमरिया में 16, मुसाबनी में 12 और पटमदा में 20 प्रसव घरों में होने के मामले पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए ममता वाहनों का नेटवर्क मजबूत करना होगा. वर्तमान में निजी वाहनों और 108 एंबुलेंस की समस्याओं को देखते हुए अब हर पंचायत स्तर पर वाहन की टैगिंग की जायेगी. डीसी ने निर्देश दिया कि जिले की सभी 231 पंचायतों में अब कम से कम एक-एक ममता वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये. इसका उद्देश्य सुदूर ग्रामीण इलाकों में होम डिलीवरी (घर पर प्रसव) के मामलों को शून्य पर लाना है. सरकार ने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत ममता वाहनों का किराया तय किया है. अस्पताल जाने के लिए प्रथम 6 किमी के लिए 500 रुपये, उसके बाद 13 रुपये प्रति किमी है. अस्पताल से वापसी में 13 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान होता है.

मलेरिया मुक्त जिले का संकल्प

बैठक में विश्व मलेरिया दिवस पर चर्चा करते हुए डीसी ने बताया कि 2025 में 10,952 मरीजों के इलाज के बावजूद एक भी मौत नहीं हुई. इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने वर्ष 2026 में भी जीरो डेथ के लक्ष्य रखते हुए जांच का दायरा बढ़ाने और प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग कराने का निर्देश दिया. इसके अलावा मिर्गी रोगियों की पहचान के लिए नियमित कैंप लगाने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया. साथ ही टीकाकरण के शत-प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन करने की बात कही. कुष्ठ उन्मूलन को लेकर इस महीने से शुरू हो रहे पीओडी (प्रिवेंशन ऑफ डिसेबिलिटी) कैंप के माध्यम से दिव्यांगता रोकने पर जोर दिया गया.

विज्ञापन
अशोक झा

लेखक के बारे में

By अशोक झा

अशोक झा प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. पलासी (अररिया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola