रिश्तों का कत्ल : अपने ही अपनों की ले रहे है जान, जमशेदपुर में हुई हैं कई हत्याएं, पढ़ें पूरी रिपोर्ट
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 19 Mar 2023 9:09 AM
अब प्रेम और अवैध संबंध के कारण ज्यादातर हत्याएं हो रही हैं, जो समाज के लिए चिंता पैदा कर रहा है. शहर में प्रेम के नाम पर रिश्तों की हत्या का वीभत्स इतिहास है. कई ऐसे मामले भी आये जब प्रेमिका ने अपने प्रेमी के साथ मिल कर अपने पूरे परिवार की हत्या कर दी.
प्यार जीवन का आधार होता है. लेकिन यह ‘प्यार’ नहीं कुछ और है. प्रेम के नाम पर रिश्तों की हत्या की जा रही है, जिसका समाज पर सीधा असर पड़ रहा है. वर्तमान में दरकते रिश्ते बदलते परिवेश की भयावह तस्वीर पेश कर रहे हैं. इसने क्राइम के ट्रेंड को बदल दिया है. अब प्रेम और अवैध संबंध के कारण ज्यादातर हत्याएं हो रही हैं, जो समाज के लिए चिंता पैदा कर रहा है. शहर में प्रेम के नाम पर रिश्तों की हत्या का वीभत्स इतिहास है. कई ऐसे मामले भी आये जब प्रेमिका ने अपने प्रेमी के साथ मिल कर अपने पूरे परिवार की हत्या कर दी. किसी ने अपने प्रेमी के साथ मिल कर अपने पिता और पति को मौत के घाट उतार दिया. पिछले ही साल आदित्यपुर निवासी कन्हैया सिंह की हत्या में उनकी बेटी और उसके प्रेमी की भूमिका सामने आयी थी. इसके अलावा शहर के सबसे चर्चित हत्याओं में चैताली- रिजवान के द्वारा की गयी अपने संबंधी की हत्या रही है, जिसे अरसे बाद अभी भी लोग नहीं भूल पाये हैं. टेल्को घोड़ाबांधा में चैताली- रिजवान ने प्यार में बाधक बन रहे अपने पूरे परिवार की हत्या कर शवों को शौचालय की टंकी में डाल दिया था. निखिल सिन्हा की रिपोर्ट.
मनोवैज्ञानिक डाॅ निधि श्रीवास्तव के मुताबिक संयुक्त परिवार की जगह एकल परिवार का प्रचलन बढ़ता जा रहा है. ऐसे में सोशल वैल्यू सिस्टम का हनन हो रहा है. छाेटा परिवार होने के कारण परिवार के सदस्य एक दूसरे को समय नहीं दे पा रहे हैं. काम में व्यस्तता होने से परिवार के लोग एक दूसरे से घर में बात नहीं करते. जो समय मिलता है, उसमें सोशल मीडिया में व्यस्त हो जाते है. ऐसे में परिवार के लोग अपनी परेशानी को शेयर नहीं कर पा रहे हैं. अगर उनका कोई काम कर दे रहा है तो उनके प्रति रुझान बढ़ता है. इसे समाप्त करने के लिए परिवार के लोगों को एक दूसरे के साथ समय देना जरूरी है. अपने परिवार के लिए समय देना जरूरी है. तभी एक दूसरे के प्रति प्यार और जिम्मेदारी का एहसास होगा.
परसुडीह के रहने वाले सोनाराम मार्डी की हत्या 2 जनवरी 2017 को उसके दोस्त सोनाराम बिरुवा ने लकड़ी के बैट से मार कर कर दी. अनुसंधान में पाया गया कि सोनाराम मार्डी और सोनाराम बिरुवा दोनों दोस्त थे. एक साथ ही राज मिस्त्री का काम करते थे. लेकिन मृतक सोनाराम की पत्नी का सोनाराम मार्डी से अवैध संबंध था. जिसकी जानकारी मृतक को हो गयी थी. इस कारण से उसकी हत्या कर दी गयी.
बारीडीह के रहने वाले अभिषेक ने अपनी पत्नी संध्या की हत्या 28 नवंबर 2019 को अवैध संबंध के शक में कर दी. इस मामले में संध्या के बेटे ने अपने पिता के खिलाफ केस दर्ज किया था. अभिषेक को शक था कि उसका भालुबासा के एक युवक के साथ अवैध संबंध है.
आदित्यपुर के कन्हैया सिंह की हत्या 29 जून 2022 को उनकी ही बेटी अपर्णा ने अपने प्रेमी राजबीर सिंह से मिलकर करायी. कन्हैया सिंह अपर्णा के बचपन के प्यार राजबीर को पसंद नहीं करते थे. वह उनके प्यार में बाधा बन रहे थे. बेटी ने प्रेमी के साथ मिल कर पिता की हत्या की योजना बनायी और उनकी हत्या करा दी.
प्यार की राह में बाधा बनने पर चैताली ने अपने प्रेमी रिजवान के साथ मिलकर 29 जनवरी 1999 को अपने माता-पिता, भाई और नानी की हत्या कर दी थी और शवों को घर के शौचालय की टंकी में डाल दिया था. आज भी प्रेम प्रसंग मामले में जब कोई हत्या होती है तो इसकी चर्चा होने लगती है. प्यार के खातिर पूरे परिवार की हत्या करने के बाद दोनों कई दिनों तक फरार रहे. उसके बाद दोनों ने खुद थाना में सरेंडर कर दिया. जिसके बाद कोर्ट ने चैताली और रिजवान को फांसी की सजा सुनाई और कलम को तोड़ भी दिया. बाद में दोनों हाईकोर्ट में अर्जी दी. जिसे बदल कर उम्रकैद की सजा सुनायी गयी. दोनों ने जेल में अपनी सजा काटी और वर्तमान में दोनों जेल से बाहर है.
सीतामडेरा के रहने वाले टाटा स्टील के खेल अधिकारी पी. रत्नाकर राव उर्फ जॉनी की हत्या 17 जून 2003 में गोली मारकर दी गई थी. इस हत्याकांड में उसकी पत्नी डॉली का नाम प्रकाश में आया था. इस मामले में डॉली ने अपने प्रेमी छोटका के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी. डॉली के प्रेमी के लिए जॉनी प्रेम-प्रसंग में बाधक बन रहा था. प्रेम प्रसंग के मामले का यह मामला भी काफी चर्चा में रहा. इस मामले में डॉली बाद में कोर्ट से बरी हो गयी थी.
कदमा में टाटा स्टील के पदाधिकारी अंचल श्रीवास्तव की वर्ष 2007 में उनकी पुत्री के प्रेमी राजा ने हत्या कर दी थी. यह मामला काफी हाई प्रोफाइल था. हत्या के आरोप में पुलिस ने अनवर अली के पुत्र राजा को गिरफ्तार किया था. अचल ने अपनी पुत्री और राजा को घर में एक साथ देख लिया था. उसके बाद अचल ने उनके प्रेम प्रसंग का काफी विरोध किया था. दोनों के विरोध करने के दौरान ही राजा ने चाकू से हमला कर अचल श्रीवास्तव की हत्या कर दी थी.
कदमा की रहने वाली खेमलता साहू की हत्या 28 जून 2016 को उसके ही भतीजा विनय ने उसके क्वार्टर में कर दी थी. जब खेमलता के पति ड्यूटी से घर लौटे तो उसने पत्नी के शव को कमरे में पाया. पुलिस ने विनय को गिरफ्तार किया. उसके बाद पुलिस ने बताया कि विनय और खेमलता के बीच अवैध संबंध था. जिसे खेमलता समाप्त करना चाह रही थी. लेकिन विनय तैयार नहीं था.
डिमना रोड स्थित मधुसूदन चौधरी डी काॅम्पलेक्स में किराये में रहने वाले बैंककर्मी शशि ने सुपारी देकर अपनी पत्नी मंजू देवी और चार साल के बेटे द्विज की 16 नवंबर 2016 को हत्या करा दी थी. हत्या कराने के पीछे प्रेम- प्रसंग का मामला प्रकाश में आया था. बताया जाता है कि बैंक मैनेजर एक दूसरी लड़की से प्रेम करने लगा था. वह उससे शादी करना चाह रहा था. इस कारण उसने पत्नी और बेटे की हत्या के लिए कारपेंटर को सुपारी दी थी.
घोड़बांधा निवासी जमीन कारोबारी तपन दास की 2 जनवरी 2017 को उसकी पत्नी श्वेता दास (बुलेट रानी) ने प्रेमी सुमित सिंह के साथ मिलकर हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को फ्रीज में डाल कर बड़ाबांकी जंगल में फेंक दिया. उसके बाद पति के गायब होने की शिकायत श्वेता ने ही थाने में दर्ज करायी. छानबीन के दौरान पुलिस ने एमजीएम थाना क्षेत्र के बड़ाबांकी से पांच दिन बाद तपन दास का शव बरामद किया. उसके बाद पुलिस ने सुमित और श्वेता दास को गिरफ्तार किया. वर्तमान में दोनों जेल में है.
बढ़ते आपराधिक घटनाओं के बीच रिश्तों में विश्वास की कमी पुलिस के सामने नयी चुनौती पेश कर रही है. कई मामलों में अवैध संबंध और संपत्ति विवाद के कारण अपने ही अपनों का कत्ल कर रहे हैं. बेहद चालाकी से ऐसे जघन्य वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है. मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि संबंधों में विश्वास की कमी और समय नहीं देने के कारण पैदा होने वाला अलगाव ऐसे आपराधिक कृत्यों की बड़ी वजह है.
पुलिस अधिकारियों की माने तो अपराधियों के घर में मौजूद होने के कारण कई बार केस उलझ जाते हैं. कई बार घटना के बाद ऐसे गुनाहगार मौका-ए-वारदात की स्थिति को बदलने का प्रयास करते हैं. जांच प्रक्रिया से जुड़े होते हैं. इस कारण जांच टीम को भ्रामक सूचनाएं देते हैं. पुलिस को ऐसे मामलों में कहीं अधिक परेशानी और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.
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