एम्स दिल्ली की तर्ज पर एमजीएम में संक्रमण रोकने के लिए बनी इंफेक्शन कंट्रोल टीम
एमजीएम अस्पताल.
एमजीएम अस्पताल में एम्स दिल्ली की तर्ज पर एक इंफेक्शन कंट्रोल टीम का गठन किया गया है. यह टीम अस्पताल में संक्रमण के खतरों की निगरानी और रोकथाम के लिए काम करेगी.
जमशेदपुर : एम्स दिल्ली की तर्ज पर एमजीएम अस्पताल में इंफेक्शन कंट्रोल टीम बनी है. अस्पताल के अधीक्षक डॉ बलराम झा पांच सदस्यीय टीम के अध्यक्ष होंगे. वहीं, माइक्रोबायोलाॅजी विभागाध्यक्ष डॉ प्रीति मोहन को इंचार्ज बनाया गया है. यह टीम एमजीएम अस्पताल के विभिन्न हिस्सों में संक्रमण की संभावना व कारणों की जांच करेगी. स्रोतों और घटनाओं की निगरानी करेगी. हाथों की स्वच्छता, उपकरणों की सफाई और संक्रमण रोकने की प्रक्रियाओं पर नजर रखी जायेगी. वहीं, संक्रमण सामने आने पर जांच कर नियंत्रण के उपाय किये जायेंगे.
संक्रमण की निगरानी करती है इंफेक्शन कंट्रोल टीम
डॉ प्रीति मोहन ने बताया कि एम्स सहित देश के बड़े अस्पतालों में इंफेक्शन कंट्रोल टीम लगातार संक्रमण की निगरानी करती है. इसी व्यवस्था को एमजीएम में लागू किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अस्पताल के आइसीयू, ऑपरेशन थिएटर, नवजात व गंभीर मरीजों के वार्ड में अधिक संक्रमण का खतरा रहता है. कैथेटर, वेंटिलेटर या अन्य इनवेसिव उपकरणों का इस्तेमाल करने वाले मरीज भी जोखिम में होते हैं.
कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों में संक्रमण का खतरा
लंबे समय से भर्ती और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. हाथों की स्वच्छता में कमी, उपकरणों की सफाई नहीं होना, संक्रमित सतहों के संपर्क और मरीजों के बीच संक्रमण फैलना कारण हो सकते हैं. डॉ प्रीति मोहन ने बताया कि अस्पताल से होने वाला संक्रमण मरीज की बीमारी को गंभीर बना सकता है. इससे मरीजों के भर्ती रहने की अवधि बढ़ सकती है और अतिरिक्त दवाओं की जरूरत पड़ सकती है. गंभीर स्थिति में संक्रमण सेप्सिस का कारण बन सकता है. टीम अस्पताल में संक्रमण रोकने के कारणों पर लगातार काम करेगी.
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