jamshedpur news : एमजीएम : दो साल में भी तैयार नहीं हुआ कैथ लैब

Published by : AKHILESH KUMAR Updated At : 03 Feb 2026 11:59 PM

विज्ञापन

जमशेदपुर (फाइल फोटो)

एक एजेंसी के काम बंद करने के बाद दूसरी ने नहीं किया है शुरू

विज्ञापन

फोटो कैथ लैब व डॉ संजय कुमार

एक एजेंसी के काम बंद करने के बाद दूसरी ने नहीं किया है शुरू

jamshedpur news :

डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल परिसर में झारखंड भवन निर्माण सेल ने कैथ लैब बनाने का काम शुरू किया था. बीच में कोरोना आने के कारण काम को बंद कर दिया गया. उसके बाद दो साल पहले लगभग 12 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक कैथ लैब भवन को बाहर से पूरी तरह तैयार कर दिया गया. लेकिन, अंदर में अभी भी बहुत काम बाकी है. इसके कारण उसको चालू नहीं किया जा सका है. अब कैथ लैब के बचे काम को भवन निर्माण निगम लिमिटेड के द्वारा पूरा किया जायेगा, जिसके लिए प्राचार्य ने पत्र लिखा है. कैथ लैब बनने के बाद इसमें उपकरण लगाने के साथ डॉक्टरों की नियुक्ति की जायेगी.

हर माह 10-15 हार्ट मरीजों को भेजा जाता है हायर सेंटर

एमजीएम अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल में हार्ट मरीजों के लिए ओपीडी शुरू है, लेकिन भर्ती कर इलाज करने की सुविधा नहीं है. इसके कारण हर माह लगभग 10 से 15 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स, कोलकाता या निजी अस्पतालों में रेफर किया जाता है. अस्पताल में अधिकतर गरीब तबके के मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं. उनके पास उतना पैसा नहीं होता है कि वे बाहर में अपना इलाज करा सकें.

कैथ लैब में क्या-क्या है कमी

एमजीएम अस्पताल परिसर में बने कैथ लैब को शुरू करने के लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य द्वारा एक टीम बनायी गयी है. टीम में शामिल सदस्यों ने कैथ लैब का निरीक्षण किया, तो पाया कि बिल्डिंग को बाहर से पूरी तरह तैयार कर दिया गया है. लेकिन, अंदर में अभी काफी काम बाकी है. इसमें मुख्य रूप से दो तल्ले पर फर्श तक नहीं बना है. इसके साथ ही पानी, बिजली, फॉल्स सिलिंग, एसी का कनेक्शन नहीं किया गया है. मशीन के रखने का स्थान, डॉक्टरों के बैठने का स्थान और वार्ड कहां रहेगा, उसको भी निर्धारित करना बाकी है.

किसको-किसको लाभ होगा

एमजीएम अस्पताल में कैथ लैब शुरू होने से पूर्वी सिंहभूम के साथ-साथ सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिले के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक इलाज की सुविधा मिलेगी. इतना ही नहीं, इस अस्पताल में ओडिशा व बंगाल के सटे इलाके से भी मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं. आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इसका लाभ मिलेगा.

स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव ने जल्द शुरू करने का दिया है निर्देश

पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव डॉ ललित मोहन शुक्ला ने एमजीएम अस्पताल का निरीक्षण किया था. इस दौरान उन्होंने कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय कुमार को निर्देश देते हुए कहा था कि कैथ लैब की कमियों को जल्द से जल्द पूरा करा कर चालू कराएं.

मरीजों की मिलेंगी ये सुविधाएं

– एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी- हार्ट में ब्लॉकेज की सटीक जांच- स्टेंट लगाने की होगी व्यवस्था- गंभीर मरीजों का तुरंत होगा इलाज- इलाज में समय और खर्च दोनों की होगी बचत

एमजीएम के प्राचार्य डॉ संजय कुमार ने कहा-

कैथ लैब को शुरू करने के लिए एक टीम बनायी गयी है. टीम को लैब की बिल्डिंग की कमियां व अन्य जरूरी चीजों की लिस्ट बनाकर देने के लिए कहा गया. संबंधित विभाग से बाकी काम जल्द पूरा कराया जायेगा, जिसके बाद इसे चालू कर दिया जायेगा.

विज्ञापन
AKHILESH KUMAR

लेखक के बारे में

By AKHILESH KUMAR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola