जमशेदपुर में रसोई गैस की कालाबाजारी, 2800 में 953 का सिलेंडर बेच रहे बिचौलये

Updated:
विज्ञापन

जमशेदपुर में रसोई गैस की कालाबाजारी. एआई जेनरेटेड फोटो

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

LPG Cylinder Crisis: जमशेदपुर में रसोई गैस की भारी किल्लत के बीच कालाबाजारी बढ़ गई है. 953 रुपये का घरेलू सिलेंडर 2800 से 3000 रुपये में बेचा जा रहा है. कॉमर्शियल सिलेंडर भी 4500 रुपये तक पहुंच गया है. गैस संकट से आम लोग और छोटे फूड व्यवसाय गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

जमशेदपुर से संजीव भारद्वाज की रिपोर्ट

LPG Cylinder Crisis: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चत कराने की दिशा में लौहनगरी जमशेदपुर का प्रशासन सक्रिय नहीं दिख रहा है. शहर में रसोई गैस की किल्लत ने अब हाहाकार की स्थिति पैदा कर दी है. एक तरफ आम लोग चूल्हा जलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ कालाबाजारी करने वालों ने इस आपदा को अवसर में बदल लिया है और चांदी काट रहे हैं. शहर में गैस सिलेंडर की खुलेआम कालाबाजारी हो रही है. 953 रुपये के घरेलू गैस सिलेंडर 2,800 से 3,000 रुपये तक में बेचे जा रहे हैं. प्रशासन की निष्क्रियता और निगरानी के अभाव में डिलीवरी तंत्र पूरी तरह से बेलगाम हो चुका है.

विज्ञापन

4200-4500 में बिक रहा कॉमर्शियल सिलेंडर

कालाबाजारी का आलम यह है कि 5 किलोग्राम के छोटे सिलिंडर 1,200 रुपये और 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल सिलेंडर 4200-4500 रुपये के पार पहुंच गये हैं. सबसे चौंकाने वाली बात है कि आपदा के इस समय में डिलीवरी मैन और डिस्ट्रीब्यूटर केवल पहचान वालों को ही गैस मुहैया करा रहे हैं. आम उपभोक्ताओं को स्टॉक खत्म होने का बोर्ड दिखाया जा रहा है, जबकि पर्दे के पीछे से मुंहमांगे कीमत पर सिलिंडर की सप्लाई की जा रही है.

ऑनलाइन पेमेंट से तौबा, ठिकाना बदल कर डिलीवरी

ब्लैक मार्केटिंग करनेवालों को थोड़ा डर भी है. प्रशासनिक कार्रवाई के डर से कालाबाजारी करने वालों ने अपना तरीका बदल लिया है. अब गैस की डिलीवरी मुख्य रास्तों या घरों पर करने के बजाय सुनसान जगहों पर या तय ठिकाने से 100 मीटर दूर की जा रही है. साक्ष्य मिटाने के लिए डिलीवरी मैन ऑनलाइन पेमेंट लेने से साफ इनकार कर रहे हैं. वे केवल नकद ही स्वीकार कर रहे हैं. सिलेंडर पहुंचाने के लिए एजेंसी के वाहनों के बजाय निजी दोपहिया या चौपहिया वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि किसी की नजर न पड़े.

प्रशासन ने साध रखी है चुप्पी

शहर में मची इस अफरातफरी के बीच प्रशासन की भूमिका केवल बैठकों तक सीमित है. कोल्हान आयुक्त ने बयान तो जारी किया है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही. जिला आपूर्ति विभाग ने गैस एजेंसियों के साथ बैठक कर महज आपूर्ति की जानकारी ली, मगर कालाबाजारी रोकने के लिए न तो किसी विशेष टीम का गठन किया और न ही कोई आधिकारिक गाइडलाइन जारी की. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यदि कोई उपभोक्ता कालाबाजारी की शिकायत करना चाहे, तो उसके पास कोई अधिकृत हेल्पलाइन नंबर तक उपलब्ध नहीं है.

इसे भी पढ़ें: झारखंड के चतरा में रसोई गैस की कालाबाजारी या किल्लत? गुस्साए ग्राहकों ने एजेंसी मालिक के घर को घेरा

महंगी हो रहीं खाने-पीने की चीजें

गैस की कमी का सीधा असर शहर के खान-पान उद्योग पर पड़ा है. साकची, बिष्टुपुर, गोलमुरी और बाराद्वारी जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में कई फूड आउटलेट्स बंद होने की कगार पर हैं. जिन दुकानदारों ने महंगे दामों पर गैस का जुगाड़ किया है, उन्होंने खाने-पीने की चीजों के दाम में 10 से 20 रुपये की वृद्धि कर दी है. साकची जुबिली पार्क रोड स्थित कई छोटे खोमचे, ठेले और दुकानें बंद हो गई हैं, जिससे दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है. कुल मिलाकर जमशेदपुर में इस वक्त पैनिक स्थिति है. जनता परेशान है और प्रशासन की ओर से राहत की कोई ठोस उम्मीद फिलहाल नजर नहीं आ रही है.

इसे भी पढ़ें: रांची में बुंडू की गैस एजेंसियों का एसडीएम का सख्त निर्देश, ग्राहकों को सिलेंडर देने में न हो कमी

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola