JAC Board Exam 2021 Update : जमशेदपुर जिले में जैक मैट्रिक व इंटर की परीक्षा सेंटर पर सीसीटीवी जरूरी नहीं, जिले में बेहतर रिजल्ट के लिए प्रशासन की ये है तैयारी
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 09 Feb 2021 10:17 AM
कारण है कि इस बार कोविड गाइड लाइन का पालन करने के लिए आदेश दिया गया है कि एक बेंच पर एक परीक्षार्थी ही बैठाये जायें. इस प्रकार का अगर सीटिंग अरेंजमेंट होता है तो पिछले साल की तुलना में करीब ढ़ाई गुणा ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाने होंगे. इतनी बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्र बनाने के साथ ही सभी जगहों पर सीसीटीवी इंस्टॉल करना संभव नहीं है. यही कारण है कि इस बार तय किया गया है कि बगैर सीसीटीवी के ही परीक्षा ली जायेगी. साथ ही इस बार स्थापना अनुमति प्राप्त स्कूलों में भी परीक्षा केंद्र होगा. पिछले तीन साल से स्थापना अनुमति प्राप्त स्कूल व कॉलेजों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जा रहा था.
jac 10th12th exam update 2021, jac matric inter exam update 2021 जमशेदपुर : झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से होने वाली मैट्रिक व इंटर की परीक्षा की उलटी गिनती शुरू हो गयी है. परीक्षा बेहतर तरीके से संपन्न हो, इसे लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ ही जैक द्वारा लगातार होमवर्क किया जा रहा है. इसी कड़ी में यह निर्णय लिया गया है कि इस बार अब मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में सीसीटीवी अनिवार्य नहीं होगा.
कारण है कि इस बार कोविड गाइड लाइन का पालन करने के लिए आदेश दिया गया है कि एक बेंच पर एक परीक्षार्थी ही बैठाये जायें. इस प्रकार का अगर सीटिंग अरेंजमेंट होता है तो पिछले साल की तुलना में करीब ढ़ाई गुणा ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाने होंगे. इतनी बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्र बनाने के साथ ही सभी जगहों पर सीसीटीवी इंस्टॉल करना संभव नहीं है. यही कारण है कि इस बार तय किया गया है कि बगैर सीसीटीवी के ही परीक्षा ली जायेगी. साथ ही इस बार स्थापना अनुमति प्राप्त स्कूलों में भी परीक्षा केंद्र होगा. पिछले तीन साल से स्थापना अनुमति प्राप्त स्कूल व कॉलेजों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जा रहा था.
28 फरवरी तक कोर्स को खत्म करें. प्रत्येक कार्य दिवस में सभी विषयों की एक-एक घंटे की क्लास होगी. मध्यांतर सिर्फ 20 मिनट का होगा.
स्कूल का संचालन सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक करना है. लेकिन जहां बच्चों की संख्या अधिक लेकिन शिक्षक कम हैं, इस प्रकार के स्कूलों में दो पाली में स्कूल संचालित की जा सकती है.
ऐसे स्कूल जहां किसी विषय के शिक्षक नहीं है, इस प्रकार के स्कूल के प्रिंसिपल विभागीय पदाधिकारी को सूचित करेंगे. उक्त स्कूल में बगल के स्कूल के शिक्षक सप्ताह में तीन दिन (बुधवार, गुरुवार व शनिवार ) को क्लास लेंगे.
दसवीं व बारहवीं के बच्चों को शिक्षक बराबर अनुपात में बच्चों को गोद लेंगे. उक्त बच्चों की बेहतर तैयारी की जिम्मेवारी उनकी होगी.
हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत के व्याकरण की पढ़ाई सप्ताह में तीन दिन अनिवार्य रूप से हो.
स्कूल के प्रिंसिपल ये तय करें कि अगर उनके स्कूल में किसी विषय के शिक्षकों की संख्या कम है तो मध्य विद्यालय में पदस्थापित टीजीटी, पीजीटी शिक्षक व मध्य विद्यालय में पदस्थापित शिक्षक का सहयोग भी बच्चों को पढ़ाने के लिए कर सकते हैं.
परीक्षा की तैयारी के लिए 22 फरवरी से मॉडल प्रश्न पत्र से टेस्ट शुरू होगा. सोमवार से शुक्रवार तक 12 बजे से दोपहर 2 बजे तक जबकि शनिवार को 10 बजे से 12 बजे तक टेस्ट लेंगे. टेस्ट में कम अंक हासिल होने पर संबंधित विषय का नये सिरे से योजना तैयार करना है.
बच्चों को अलग-अलग ( ए,बी,सी,डी ) कैटेगरी में बांटना है. सी व डी ग्रेड वाले बच्चों के लिए रेमिडियल क्लास का आयोजन किया जायेगा.
सोमवार- अंग्रेजी
मंगलवार- गणित
बुधवार- सामाजिक विज्ञान व अर्थशास्त्र
गुरुवार- हिंदी
शुक्रवार- भौतिक, रसायन व जीवविज्ञान
शनिवार- संस्कृत व क्षेत्रीय भाषा
Posted By : Sameer Oraon
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