घाटशिला में फुलडुंगरी-झाटीझरना रोड के चौड़ीकरण को हरी झंडी, जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक

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राजेश डुंगडुंग, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम. | Prabhat Khabar Network

घाटशिला में फुलडुंगरी-झाटीझरना रोड के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी। अब चिह्नित जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक, जानें पूरी जानकारी।

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वरीय संवाददाता, जमशेदपुर

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पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने घाटशिला अंचल के अंतर्गत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन, जिला भू अर्जन पदाधिकारी राजेश डुंगडुंग और अपर आयुक्त अनुराग तिवारी के आदेश से फुलडुंगरी (एनएच 33) से झाटीझरना पथ (भाया बुरूडीह) के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के लिए प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर दी गयी है. सड़क के दायरे में आने वाली जमीन में सिर्फ खेती की जमीन (दोन और गोड़ा) ही नहीं, बल्कि कुछ लोगों के मकान, सहन (आंगन/खाली जगह), नाली, झाड़ी और जंगल वाली भूमि भी शामिल है.

इसके साथ ही अधिसूचना जारी होने की तिथि 8 जुलाई 2026 से ही चिह्नित भूमि के क्रय-विक्रय (रजिस्ट्री/ट्रांसफर) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके अलावा भू-स्वामी इस क्षेत्र में बिना अनुमति के कोई नया पक्का निर्माण या ढांचा खड़ा नहीं कर सकेंगे.

गांव : अधिग्रहित की जाने वाली भूमि

1. ग्राम- डाईनमारी (थाना नंबर-19) : 4.446 एकड़ 2 ग्राम- धोबनी (थाना नंबर-81) : 0.971 एकड़

3. ग्राम- गोहंडी (थाना नंबर 117) : 0.475 एकड़

विस्थापितों के पुनर्वास के लिए अपर समाहर्ता नियुक्त

सड़क निर्माण के कारण जिन लोगों के मकान या जमीन प्रभावित होंगे, उन्हें नियमों के तहत उचित मुआवजा देने, दोबारा बसाने और पुनर्वास की जिम्मेदारी अपर समाहर्ता अथवा नियम 2(1)(ख) के तहत नियुक्त पदाधिकारी को बतौर प्रशासक नियुक्त किया गया है. अब प्रशासनिक कर्मचारी जल्द ही पैमाइश, नक्शा मिलान और भू-वेधन के लिए क्षेत्र का दौरा करेंगे.

60 दिनों में दर्ज करायें आपत्तियदि किसी भी रैयत या हितबद्ध व्यक्ति को इस भूमि अधिग्रहण को लेकर कोई आपत्ति है, तो वे 60 दिनों के भीतर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के कार्यालय में साक्ष्यों के साथ अपनी लिखित आपत्ति दर्ज करा सकते हैं.

सड़क चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हो गयी है. प्रभावित रैयतों के हितों का पूरा ध्यान रखा जायेगा. यदि किसी भी व्यक्ति को कोई आपत्ति है, तो वे 60 दिनों के भीतर जिला भू-अर्जन कार्यालय में साक्ष्यों के साथ लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं. सभी आपत्तियों की समीक्षा कर पारदर्शी तरीके से मुआवजा व पुनर्वास की कार्रवाई की जायेगी. - राजेश डुंगडुंग, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम


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