विश्व डायबिटीज दिवस : डायबिटीज से डरें नहीं, लड़ें, ऐसे कंट्रोल कर सकते हैं शुगर लेवल

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World Diabetes Day|जमशेदपुर के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ राजीव ठाकुर ने बताया कि 35 प्रतिशत डायबिटीज के मरीजों में त्वचा से संबंधित बीमारी हो जाती है. ग्लूकोज का लेवल ज्यादा होने की वजह से खून में इंसुलिन काफी बढ़ जाता है. इससे इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है.

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World Diabetes Day|देश में युवाओं के साथ बच्चे भी डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं. यह वंशानुगत रोग है. माता-पिता में से किसी एक को डायबिटीज होने पर बच्चों में इसके होने के 30 प्रतिशत व दोनों के होने पर 50 से 60 प्रतिशत संभावना रहती है. शहर के सिटी डायबिटीज सेंटर के संचालक डॉ राम कुमार के अनुसार लाइफस्टाइल में परिवर्तन लाकर इस बीमारी से बच सकते हैं. इसे लेकर जागरूकता लाने की जरूरत है. डायबिटीज का कोई खास इलाज नहीं है. इंसुलिन, संतुलित आहार और जीवनशैली में बदलाव के साथ ही शुगर लेवल को कंट्रोल किया जा सकता है. डॉ रामकुमार के मुताबिक खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने पर पैंक्रियाज ग्रंथी का बीटा सोल इंसुलिन बनाना बंद कर देता है. इंसुलिन की कमी से चक्कर आना आम बात है. इसकी ज्यादा कमी से किडनी, हार्ट, लीवर व आंख पर बुरा प्रभाव पड़ता है. योग शिक्षक अरविंद प्रसाद ने बताया कि मंडूकासन इस रोग में लाभकारी है. इससे पाचन क्रिया ठीक होती है साथ ही यह पैंक्रियाज को उत्तेजित करता है.

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डायबिटीज मरीज को त्वचा से संबंधित हो सकती है बीमारी

चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ राजीव ठाकुर ने बताया कि 35 प्रतिशत डायबिटीज के मरीज में त्वचा से संबंधित बीमारी हो जाती है. ब्लड ग्लूकोज का लेवल ज्यादा होने के कारण खून में इंसुलिन का लेवल काफी बढ़ जाता है. जिससे बीमारियों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है.

खान-पान पर दें ध्यान

एमजीएम की डायटिशियन डॉ अन्नू कुमारी ने बताया कि डायबिटीज के मरीज सेव, संतरा, पपीता, कीवी, जामुन आदि खा सकते हैं. डाइट में करेला, मेथी, पालक, शलजम, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी, बंद गोभी, ब्रोकली, टमाटर व हरी पत्तेदार सब्जियां लें.

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बच्चों में डायबिटीज के लक्षण

  • रात में बिस्तर गीला करना.

  • कम पानी पीने के बावजूद भी बार-बार यूरिन आना.

  • हमेशा थका हुआ महसूस होना.

  • भूख कम या ज्यादा लगना.

  • ज्यादा प्यास लगना.

  • धुंधला दिखायी देना, तेजी से वजन कम होना.

  • चिड़चिड़ापन, स्किन इंफेक्शन.

कैसे करें बचाव

  • ब्लड शुगर लेवल की जांच करें.

  • अगर माता-पिता को डायबिटीज है, तो जन्म के बाद बच्चे की भी जांच कराएं.

  • डॉक्टर की सलाह के हिसाब से इंसुलिन दें.

  • नियमित व्यायाम व चिकित्सीय जांच करवाएं.

  • धूम्रपान न करें, ज्यादा से ज्यादा शाकाहारी भोजन करें.

  • गर्भवती महिलाएं थाइराइड की जांच जरूर कराएं.

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नि:शुल्क डायबिटीज जांच शिविर

विश्व डायबिटीज दिवस के अवसर पर साकची स्थित ओम प्लाजा एसएनपी एरिया आमबगान स्थित सिटी डायबिटीज सेंटर में मंगलवार को नि:शुल्क डायबिटीज जांच शिविर लगाया जायेगा. सुबह 11 से शाम तीन बजे तक चलने वाले इस शिविर में डायबिटीज से संबंधित बीमारियों की जांच होगी. इसके साथ ही एचबीए 1सी, यूरिक एसिड, बीएमआई, टीएसएच, आरबीएस की भी जांच होगी. वहीं डॉक्टरों की फीस में भी 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है.

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