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चार साल से करोड़ों रुपये का हिसाब नहीं दे रहे कोल्हान के 13 हेडमास्टर, राज्य भर में 115 एफआइआर

Updated at : 22 Jul 2024 1:04 AM (IST)
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चार साल से करोड़ों रुपये का हिसाब नहीं दे रहे कोल्हान के 13 हेडमास्टर, राज्य भर में 115 एफआइआर

झारखंड के स्कूलों को सिविल वर्क (भवन निर्माण संबंधित कार्य) व अलग-अलग योजनाओं के लिए उपलब्ध कराये गये 57 करोड़ रुपये का हिसाब प्रिंसिपल नहीं दे रहे हैं.

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– स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने राशि को लेकर जिलों को भेजा पत्र

– स्कूलों को सिविल वर्क के लिए 39 करोड़ व 18 करोड़ रुपये योजनाओं के लिए दिये गये थे

जमशेदपुर :

झारखंड के स्कूलों को सिविल वर्क (भवन निर्माण संबंधित कार्य) व अलग-अलग योजनाओं के लिए उपलब्ध कराये गये 57 करोड़ रुपये का हिसाब प्रिंसिपल नहीं दे रहे हैं. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों को पत्र लिखा है. जिलों को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के पूर्व स्कूलों को सिविल वर्क के लिए उपलब्ध करायी गयी राशि में से 39.16 करोड़ का हिसाब अब तक नहीं उपलब्ध करवाया गया है. सिविल वर्क के अलावा अन्य अलग-अलग योजनाओं के लिए उपलब्ध करायी गयी राशि में से 18.14 करोड़ रुपये के खर्च का भी हिसाब विभाग को नहीं दिया गया है. इसमें कोल्हान के कुल 13 स्कूलों के प्रधानाध्यापक शामिल हैं. इसमें पूर्वी सिंहभूम जिले के कुल पांच, सरायकेला-खरसांवा जिले के कुल एक, जबकि पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुल सात स्कूल शामिल हैं. पत्र में राशि सामंजन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया. इस संबंध में जिलों को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि जहां एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित है, उस जिला के अभियंता, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी, लेखा पदाधिकारी को मुख्यालय बुलाकर समीक्षा करने को कहा गया है. जिलों को भेजे गये पत्र के अनुसार, साहिबगंज में 7.83 करोड़, देवघर में 7.39 करोड़, पलामू में 5.34 करोड़, सिमडेगा में 4.16 करोड़, बोकारो में 4.04 करोड़ व रांची में 4.02 करोड़ अग्रिम राशि का सामंजन नहीं किया गया है.

अब तक 115 प्राथमिकी करायी गयी दर्ज

57 करोड़ के अलावा 5.14 करोड़ रुपये को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा अलग से प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. विभाग ने अलग-अलग जिलों में 115 प्राथमिकी दर्ज करायी है. शिक्षा विभाग द्वारा बार-बार निर्देश दिये जाने के बाद भी इस राशि के खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया गया. इसके बाद विभाग द्वारा प्राथमिकी दर्ज करायी गयी.

सबसे अधिक 32 प्राथमिकी पलामू में

राशि का हिसाब नहीं देने के कारण दर्ज करायी गयी कुल 132 प्राथमिकी में सबसे अधिक 32 प्राथमिकी पलामू जिला में दर्ज करायी गयी है. पलामू में 76 लाख रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है. इसके अलावा बोकारो में 16 व जामताड़ा में 15 प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.

प्रधानाध्यापक व अध्यक्ष करते हैं राशि की निकासी

स्कूलों को उपलब्ध करायी गयी राशि की निकासी संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक व विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष द्वारा किया जाता है. राशि खर्च करने का उपयोगिता भी प्रधानाध्यापक व अध्यक्ष को देना होता है.

क्यों नहीं दे पा रहे हिसाब

– कुछ स्कूलों में राशि निकासी तो हुई पर काम नहीं किया गया.

– राशि निकासी के बाद काम शुरू हुआ पर कार्य अधूरा रह गये

– योजना के लिए ली गयी राशि से योजना संचालन नहीं किया गया.

– कुछ स्कूलों में राशि खर्च की गयी पर प्रावधान के अनुरूप उसे तैयार नहीं किया गया.

जिलावार दर्ज करायी गयी प्राथमिकी

जिला : एफआआर

पलामू : 32

बोकारो : 16रांची : 02

गिरिडीह : 10गुमला : 02

लोहरदगा : 04पश्चिमी सिंहभूम : 07

कोडरमा : 01धनबाद : 07

सरायकेला : 01हजारीबाग : 02

दुमका : 02पाकुड़ : 01

जामताड़ा : 15गोड्डा : 06

पूर्वी सिंहभूम : 05रामगढ़ : 02

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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