अब निजी स्कूल नहीं कर सकेंगे फीस में मनमानी
Updated at : 17 Jan 2019 7:29 AM (IST)
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जमशेदपुर : झारखंड में प्राइवेट स्कूल अब मनमाने ढंग से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे. सरकार से स्वीकृति व राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम लागू होने से अभिभावकों को इस रूप में एक सुरक्षा कवच हासिल हो गया है. जुलाई में कैबिनेट में पारित होने के बाद विधेयक पर 02 अक्तूबर […]
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जमशेदपुर : झारखंड में प्राइवेट स्कूल अब मनमाने ढंग से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे. सरकार से स्वीकृति व राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम लागू होने से अभिभावकों को इस रूप में एक सुरक्षा कवच हासिल हो गया है.
जुलाई में कैबिनेट में पारित होने के बाद विधेयक पर 02 अक्तूबर 2018 को राज्यपाल ने मुहर लगा दी थी, किंतु तकनीकी कारणों से अधिसूचना जारी होने में विलंब हुआ. झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम के आशय में जरूरी अधिसूचना सात जनवरी 2019 काे जारी कर दी गयी है, इसके साथ ही जेट अधिनियम प्रभावी हो गया है.
इसके बाद मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने पर निजी स्कूलों पर 50 हजार से 2.5 लाख रुपये तक जुर्माना और निबंधन रद्द करने तक की कार्रवाई संभव है. जिला भाजपा अध्यक्ष दिनेश कुमार ने साकची स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में जेट अधिनियम को मील का पत्थर बताया. संवाददाता सम्मेलन में भाजयुमाे जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह राजा भी माैजूद थे.
निजी स्कूलों के मामलाें का 30 दिनों में होगा निबटारा. न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम के तहत निजी स्कूलों से जुड़े किसी भी मामले का 30 दिनों में निबटारा करना होगा. न्यायाधिकरण के आदेश के खिलाफ हाईकाेर्ट में 90 दिन में अपील की जा सकेगी. स्कूल प्रबंधनों को जिला कमेटी के निर्णय को नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर जारी करना होगा.
जिला कमेटी स्कूल बस फीस, एनुअल फीस, डेवलपमेंट फीस, स्मार्ट क्लास फीस सहित सभी तरह के फीस के निर्धारण में हस्तक्षेप कर सकेगी. स्कूल प्रबंधन अब किताब, कॉपी, ड्रेस, जूता-मोजा की खरीदारी के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं बना सकेंगे. अधिनियम के तहत स्कूल स्तर एवं जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तर पर नियंत्रण कमेटी गठित करने का प्रावधान है.
जेट अधिनियम भाजपा के महानगर प्रवक्ता अंकित आनंद के प्रयासों का प्रतिफल है. भाजपा जिला कार्यसमिति भी निजी स्कूलों की मनमानी रोकने को लेकर सरकार से हस्तक्षेप का आग्रह करती रही है. सरकार के प्रयासों का प्रतिफल है कि अभिभावकों को एक रक्षा कवच मिल गया.
दिनेश कुमार, महानगर भाजपा अध्यक्ष
शिक्षा सत्याग्रह के तहत चरणबद्ध आंदोलन कर अभिभावकों की समस्या की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया था. मुख्यमंत्री रघुवर दास, शिक्षा मंत्री नीरा यादव एवं कैबिनेट मंत्रियों का सहयोग के बाद जेट अधिनियम अमल में आ सका. अब अभिभावकों को राहत मिलेगी.
अंकित आनंद, जिला भाजपा प्रवक्ता
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