टीएमएल यूनियन (निबंधन संख्या 211 ) को लेकर हाइकोर्ट में चल रहे विवादों को समाप्त करने के लिए की जा रही है पहल
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स कंपनी में मान्यता प्राप्त टीएमएल एंड ड्राइव लाइंस वर्कर्स यूनियन का नाम जल्द बदलेगा और नये सिरे से यूनियन का चुनाव होगा.
टीएमएल एंड ड्राइव लाइंस वर्कर्स यूनियन (निबंधन संख्या 211 ) को लेकर हाइकोर्ट में दाखिल विवादों को समाप्त करने के लिए तोते और आरके सिंह की टीम टीएमएल एंड ड्राइव लाइंस वर्कर्स यूनियन की जगह नये यूनियन का नामकरण आने वाले समय में करने की तैयारी शुरू कर दी है. नये साल में यूनियन का नाम बदल जायेगा. हालांकि इस मामले में यूनियन के नेता फिलहाल कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं.
क्या है पूरा मामला : साल 2000 में टाटा मोटर्स से अलग होकर एचवी एक्सल, एचवीटीएल कंपनी बनी.
दोनों कंपनियों की यूनियन अलग- अलग थी. दोंनो कंपनियों के अप्रैल 2011 में विलय के बाद टीएमएल ड्राइव लाइंस बना. जिसके बाद यूनियन गठन को लेकर विवाद गहराने से यूनियन तीन गुटों में बंट गयी. 12 जनवरी 2014 को एचवी एक्सल ट्रांसमिशन यूनियन का विलय कर टीएमएल ड्राइव लाइंस वर्कर्स यूनियन का गठन कर एमएन राव अध्यक्ष, आरके सिंह महामंत्री बने. ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रार से मान्यता मिलने के बाद भी कंपनी ने एमएन राव के नेतृत्व वाली यूनियन को मान्यता नहीं दी.
कर्मचारियों के यूनियन कोष का चंदा प्रबंधन के पास जमा होने लगा. बाद में प्रबंधन ने एमएन राव के नेतृत्व वाली यूनियन को मान्यता प्रदान कर दी. इधर, विपक्ष के नेता अभय सिंह ने हाइकोर्ट में डबल बेंच में संविधान संशोधन, श्रम विभाग द्वारा संविधान की जांच नहीं करने, चुनाव को लेकर याचिका दाखिल की. मार्च 2018 में इसकी सुनवाई होने वाली है. सभी तरह के विवादों को देखते हुए अब नये सिरे से यूनियन की गठन की तैयारी चल रही है.
टाटा मोटर्स यूनियन होगा नया नाम !
यूनियन सूत्रों की मानें तो टाटा मोटर्स कंपनी में बनने वाली यूनियन का नाम टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन हो सकता है. नये यूनियन का विधिवत गठन से पहले यूनियन का नया संविधान तैयार किया जा रहा है. यूनियन की कार्यकारिणी की संख्या के साथ चुनाव प्रक्रिया का भी जिक्र भी नये संविधान में पूर्व यूनियन से अलग रहेगा. 75-80 के बीच होगी सीट : टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन में सीटों की संख्या 75-80 के बीच हो सकती है. वर्तमान में टीएमएल एंड ड्राइव लाइंस वर्कर्स यूनियन में कार्यकारिणी की संख्या 25 और टेल्को वर्कर्स यूनियन में 100 थी. जो नये यूनियन में घट कर 75-80 हो सकती है.
50 बाइ सिक्स को मिला स्थायी गेट पास
सोमवार को टाटा मोटर्स में स्थायी होने वाले 50 बाइ सिक्स कर्मचारियों को स्थायीकरण का गेट पास मिला. अब सभी स्थायीकरण होने वाले कर्मी एक साल ट्रेनिंग पीरियड में रहेंगे. इसके बाद सभी कंपनी के स्थायी कर्मी होंगे.
