कोलकाता से आयी रिपोर्ट में खुलासा
जमशेदपुर : मानगो गौड़ बस्ती के बासुदेव गौड़ की पत्नी बबिता देवी को स्वाइन फ्लू नहीं था. इसका खुलासा शनिवार को कोलकाता से आयी रिपोर्ट के आधार पर हुआ है. हालांकि दो दिन पहले ही टेल्को अस्पताल में इलाज के दौरान बबीता देवी की मौत हो चुकी है.
जिला सर्विलांस विभाग ने कुछ दिन पूर्व बबिता देवी में स्वाइन फ्लू के लक्षण को देखते हुए उसके बलगम को जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कोलरा एंटरिक डिजीज (एनआसीइडी) कोलकाता भेजा था. वहीं टाटा मोटर्स अस्पताल में इलाज के दौरान उसका कार्ड जांच किया गया था, जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई थी. लेकिन विभाग द्वारा जब इसकी एलाइजा जांच करायी गयी तो उसमें डेंगू की पुष्टि नहीं हुई. इस संबंध में जिला सर्विलेंस पदाधिकारी डॉ साहिर पाल ने बताया कि बबिता की मौत किन कारणों से हुई इसकी जांच की जा रही है.
साथ ही कार्ड जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि होने के बाद एलाइजा में इसकी पुष्टि नहीं हो रही है, विभाग द्वारा उसकी भी जांच की जा रही है. झारखंड में नहीं होती है स्वाइन फ्लू की जांच : जिला सर्विलेंस पदाधिकारी डॉ साहिर पाल ने बताया कि राज्य में स्वाइन फ्लू की जांच नहीं होती है, इसके लिए उसे कोलकाता भेजा जाता है. किसी मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाये जाने पर बलगम को जांच के लिए कोलकाता भेजा जाता है. वहां से दो दिन में रिपोर्ट आने पर इलाज शुरू कर दिया जाता है.
