जनजातीय गौरव उत्सव का समापन, राज्यपाल बोले- हस्तशिल्प कला-संस्कृति की पहचान, महिलाएं बनाएं अलग पहचान

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कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष गंगवार व अन्य | Prabhat Khabar

हजारीबाग में जनजातीय गौरव उत्सव का समापन। राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि यह मेला सांस्कृतिक विरासत और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है.

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हजारीबाग : जनजातीय गौरव दिवस को लेकर राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि यह दिवस केवल मेला नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत, परंपरा और उद्यमिता को बाजार से जोड़ने का सशक्त माध्यम है. हथकरघा और हस्तशिल्प के उत्पाद केवल वस्तुएं नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही कला और संस्कृति की पहचान हैं. महिलाएं अपने हुनर के साथ नयी तकनीक और गुणवत्ता पर ध्यान देकर बाजार में अलग पहचान बना सकती हैं.

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राज्यपाल सोमवार को बड़ा अखाड़ा ठाकुरबाड़ी परिसर स्थित श्री राम जानकी मठ में आयोजित आठ दिवसीय जनजातीय गौरव उत्सव-2026 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे. बिरसा मुंडा जन कल्याण योजना प्रचार अभियान, झारखंड की ओर से आयोजित यह उत्सव 17 से 24 अगस्त तक चला। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व सांसद ब्रजमोहन राम भी मौजूद थे.

महिला उद्यमिता से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा

राज्यपाल ने कहा कि महिला उद्यमिता केवल परिवार की आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समाज में उनकी पहचान का माध्यम भी है. उन्होंने महिलाओं से अपने पारंपरिक हुनर को नयी तकनीक और बेहतर गुणवत्ता से जोड़कर बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की अपील की.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान से जुड़कर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की. कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। युवाओं को भी कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना होगा.

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राज्यपाल ने स्टॉलों और प्रदर्शनी का किया भ्रमण

समापन समारोह से पहले राज्यपाल ने उत्सव परिसर में लगे विभिन्न स्टॉलों और प्रदर्शनी का भ्रमण किया. उन्होंने विभिन्न राज्यों से आये कारीगरों और महिला उद्यमियों के उत्पादों का अवलोकन किया और उनके प्रयासों की सराहना करते हुए उत्साह बढ़ाया.

उत्सव में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कारीगरों एवं महिला उद्यमियों ने करीब 70 स्टॉल लगाये थे. इनमें हस्तशिल्प, हथकरघा और जनजातीय कला-संस्कृति से जुड़े उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे.

आठ समूहों को किया गया सम्मानित

समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले महिला एवं जनजातीय उद्यमियों के आठ समूहों को सम्मानित किया गया. पूर्व सांसद ब्रजमोहन राम ने भी जनजातीय संस्कृति और उद्यमिता को बढ़ावा देने में ऐसे आयोजनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया.

आठ दिवसीय उत्सव के समापन पर जनजातीय संस्कृति, महिला सशक्तीकरण और उद्यमिता का अनूठा संगम देखने को मिला.

उपस्थित लोग | Prabhat Khabar Network
उपस्थित लोग | Prabhat Khabar Network


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