हजारीबाग के तीनों बस स्टैंड बदहाल, कहीं जलजमाव तो कहीं कचरे का अंबार; यात्री बेहाल
हजारीबाग के बस स्टैंड पर फैला कचरा : Prabhat Khabar
हजारीबाग के तीनों बस स्टैंडों पर फैली गंदगी, जलजमाव और अव्यवस्थित यातायात से यात्री परेशान हैं. प्रशासन की अनदेखी से शहर की छवि धूमिल हो रही है.
हजारीबाग : शहर में प्रवेश करने वाले बाहरी लोगों और यात्रियों के सामने सबसे पहले सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की तस्वीर आती है, लेकिन हजारीबाग के तीन प्रमुख बस स्टैंडों की बदहाल स्थिति शहर की छवि पर सवाल खड़े कर रही है. हर दिन सैकड़ों यात्री दूसरे जिलों और राज्यों से यहां पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें बस स्टैंड पर जलजमाव, गंदगी, अव्यवस्थित यातायात और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझना पड़ता है.
आपके शहर में
जिला परिषद बस स्टैंड, पुराना सरकारी बस स्टैंड और चतरा-सिमरिया बस स्टैंड की समस्याएं अलग-अलग हैं, लेकिन यात्रियों की परेशानी सभी जगह एक जैसी है. कहीं बारिश के बाद परिसर में पानी भर जाता है, तो कहीं कचरे का अंबार यात्रियों का स्वागत करता है. वहीं, संकरी सड़क पर बसों के संचालन से जाम और दुर्घटना का खतरा बना रहता है. शहर के इन प्रमुख बस स्टैंडों की स्थिति प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करती है. यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ शहर की छवि को देखते हुए बस स्टैंडों की व्यवस्था में तत्काल सुधार की जरूरत है.
पुराना सरकारी बस स्टैंड : बारिश में परिसर बन जाता है तालाब
पुराना सरकारी बस स्टैंड वर्षों से बदहाली का शिकार है. बारिश होते ही परिसर के बीचों-बीच पानी जमा हो जाता है. कीचड़ और जलजमाव के बीच यात्रियों को बस तक पहुंचना पड़ता है. सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को होती है. जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में यात्रियों की मुश्किल और बढ़ जाती है. स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
जिला परिषद बस स्टैंड : कचरे के बीच यात्रियों का सफर
जिला परिषद बस स्टैंड, जिसे नया बस स्टैंड भी कहा जाता है, यात्री सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। परिसर में जगह-जगह कचरा पसरा रहता है. यात्रियों के ठहरने के लिए बनायी गयी अतिथिशाला पर भी ताला लटका रहता है. बस का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं है. बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है. यात्रियों को बारिश से बचने के लिए दुकानों के किनारे या दूसरे सुरक्षित स्थानों का सहारा लेना पड़ता है.
चतरा-सिमरिया बस स्टैंड : संकरी गली में बसों का संचालन
बॉटम बाजार-ग्वालटोली के समीप चतरा और सिमरिया जाने वाली बसों का स्टैंड संकरी गली में संचालित हो रहा है. यहां बसों के आने-जाने के दौरान जाम की स्थिति बनती रहती है. भीड़भाड़ के बीच पैदल यात्रियों और छोटे वाहनों के लिए भी रास्ता मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
सबसे गंभीर बात यह है कि बस स्टैंड के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजर रहा है. बसों और अन्य बड़े वाहनों की आवाजाही के बीच यह व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय है. किसी तरह की लापरवाही या तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है.
शहर की छवि से जुड़ा सवाल
हजारीबाग आने वाले यात्रियों के लिए बस स्टैंड शहर का पहला पड़ाव होता है. ऐसे में इन जगहों की बदहाली केवल यात्री सुविधाओं का मामला नहीं, बल्कि शहर की छवि से भी जुड़ा विषय है. जलजमाव, गंदगी, जाम और सुरक्षा संबंधी समस्याओं के बीच यात्रियों को हो रही परेशानी व्यवस्था में तत्काल सुधार की जरूरत को सामने ला रही है.
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