चौपारण. कसियाडीह में आयोजित पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान सह 51 कुंडीय राष्ट्र गायत्री महायज्ञ हवन, पूजन एवं भंडारे के साथ बुधवार को संपन्न हुआ. महायज्ञ में शांतिकुंज हरिद्वार से आये बालक राम रातन्मूल की टीम ने प्रज्ञा पुराण कथा सुना कर लोगों को धर्म प्रति प्रेरित किया. यज्ञ की पूर्णाहुति के पूर्व विधि विधान से गायत्री मंदिर में गायत्री माता की प्राण प्रतिष्ठा की गयी. इस दौरान माता को 108 प्रकार का भोग लगाया गया. गायत्री माता के प्राण प्रतिष्ठा में सैकड़ों श्रद्धालु साक्षी बने. महायज्ञ के दौरान कसियाडीह के नरसिंह नायक ने गायत्री माता मंदिर के नाम से और जमीन दान देने की घोषणा की. 2027 में 108 कुंडीय महायज्ञ कराने की भी घोषणा हुई. भंडारे में प्रसाद ग्रहण के लिए बड़ी संख्या लोग जुटे. देर शाम तक भंडारे का कार्यक्रम चलता रहा. महायज्ञ को संपन्न कराने में गायत्री परिवार के साथ कसियाडीह व अन्य गांवों के युवाओं का सहयोग रहा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

