जंगल में पेड़ से लटका मिला युवक का शव, हत्या की आशंका

Updated:
विज्ञापन

मृतक का फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network

गुमला के कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र में एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला. परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

विज्ञापन

प्रतिनिधि, गुमला

चैनपुर प्रखंड के कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र स्थित उरू रोरेद गांव निवासी 30 वर्षीय समीर उरांव का शव शनिवार की सुबह उरू जंगल में एक पेड़ से रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला. घटना की सूचना मिलते ही कुरूमगढ़ थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये सदर अस्पताल भेज दिया. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और सनसनी का माहौल है. जानकारी के अनुसार समीर उरांव शुक्रवार की शाम घर से निकला था. लेकिन देर रात तक घर वापस नहीं लौटा. परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला.

शनिवार की सुबह ग्रामीणों के साथ खोजबीन के दौरान जंगल में एक पेड़ से उसका शव लटका हुआ मिला. सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे. मृतक के परिजनों ने समीर उरांव की हत्या कर शव को पेड़ से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की आशंका जतायी है. परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इधर, कुरूमगढ़ थाना पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है.

इस मामले में गांव के ही एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी. मृतक के भाई नेहरू टोप्पो ने बताया कि समीर उरांव की शादी करीब आठ वर्ष पूर्व हुई थी. लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी. उनकी पत्नी फिलहाल अपने मायके में रह रही हैं. शनिवार को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है.


विज्ञापन
दुर्जय पासवान

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola