13 साल बाद इंसाफ की उम्मीद, चर्चित रीना गुप्ता दहेज हत्याकांड में फैसले का इंतजार, 21 अगस्त पर टिकी सबकी निगाहें

गुमला के चर्चित रीना गुप्ता दहेज हत्याकांड में 13 साल बाद न्याय की उम्मीद जगी है. 21 अगस्त को अदालत अपना फैसला सुना सकती है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.
प्रतिनिधि, गुमला
वर्ष 2013 में गुमला शहर के पालकोट रोड स्थित पुराने टीओपी के समीप हुई रीना गुप्ता दहेज हत्याकांड ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था. एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने दहेज प्रथा को लेकर कई सवाल खड़े किये थे. घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश था और लंबे समय तक यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना रहा. रीना गुप्ता की मौत के बाद उसके भाई गौतम कुमार ने गुमला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए पति अमित गुप्ता और ननद सुमन गुप्ता पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का आरोप लगाया था.
प्राथमिकी में कहा गया था कि आरोपितों ने पांच लाख रुपये दहेज की मांग की थी और मांग पूरी नहीं होने पर रीना की हत्या कर दी गयी. पुलिस ने मामले की जांच कर भारतीय न्याय संहिता लागू होने से पहले प्रभावी भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 304बी, 34 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया. इसके बाद मामला सत्र न्यायालय पहुंचा. जहां पिछले लगभग 13 वर्षों से सुनवाई चल रही है.
अब यह मुकदमा अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है. न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार मामला दोषसिद्धि एवं सजा के चरण में है और 21 अगस्त को अगली सुनवाई निर्धारित है. इसी दिन अदालत की ओर से सजा से जुड़े महत्वपूर्ण आदेश आने की संभावना है. इस लंबे इंतजार के बाद अब पीड़ित परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे जिले की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं.
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