यूपीएससी टॉपर इशिता किशोर जब भी आती थी ननिहाल, गुमला में 10-12 घंटे करती थी पढ़ाई

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इशिता के मामा अधिवक्ता शैलेश कुमार ने कहा कि इशिता किशोर को बचपन से ही पढ़ाई में रूचि थी. वह स्कूल हो या फिर कॉलेज की पढ़ाई, कभी भी सेकेंड नहीं आयी है. हमेशा टॉप की है और हर साल स्कूल-कॉलेज से मेडल हासिल करती थी.

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गुमला, दुर्जय पासवान. यूपीएससी टॉपर इशिता किशोर का गुमला से खास नाता रहा है. उनके नाना (बनवीर प्रसाद) का घर गुमला शहर में है. गुमला से इशिता का काफी लगाव रहा है. गुमला शहर के थाना रोड निवासी अधिवक्ता शैलेश कुमार की भगिनी इशिता किशोर ने यूपीएससी में प्रथम प्रयास में ही सफलता हासिल की है. उन्होंने बताया कि इशिता जब भी गुमला आती थी तो वह 10-12 घंटे पढ़ाई किया करती थी.

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इशिता के मामा अधिवक्ता शैलेश कुमार ने कहा कि इशिता किशोर को बचपन से ही पढ़ाई में रूचि थी. वह स्कूल हो या फिर कॉलेज की पढ़ाई, कभी भी सेकेंड नहीं आयी है. हमेशा टॉप की है और हर साल स्कूल-कॉलेज से मेडल हासिल करती थी. इशिता दिल्ली स्थित ग्रेटर नोएडा में अपने घर में रह कर यूपीएससी की तैयारी की और सफलता प्राप्त की है. वह विंग कमांडर स्वर्गीय संजय किशोर की पुत्री है.

पिता के निधन के बाद से इशिता की मां ज्योति किशोर अपनी बेटी व छोटे बेटे हर्ष की परवरिश कर रही हैं. उन्होंने बताया कि इशिता जब भी गुमला आती थी तो वह पढ़ाई ही करती थी. शुरू से ही पढ़ाई के प्रति काफी लगन थी. गुमला में जब आती थी, तो उसके लिए एक कमरा था. जहां वह अहले सुबह उठकर पढ़ती थी. शाम को भी वह पढ़ने बैठ जाती थी. दोपहर में भी समय का सदुपयोग करती थी और पढ़ाई कर लेती थी.

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