सदर अस्पताल के दाल-भात केंद्र में 15 दिनों से लावारिस हालत में पड़ा है गुमला. गुमला सदर अस्पताल के जिला मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने स्थित मां पार्वती महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित सीएम दाल-भात केंद्र के बाहर 15 दिनों से लावारिस हालत में ठाकुर भगत सिंह कोटिक (45) पड़ा हुआ है, जो अपना घर आजमगढ़ जिले के लव्यादेश गांव कोटवा बता रहा है. उसे देखने वाला कोई नहीं है और न ही मानवता वश किसी ने उसकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. इस कारण वह एक बार भोजन मिलने पर उसी के सहारे जिंदा है. बुधवार को प्रभात खबर प्रतिनिधि ने उसे देखा, तो पूछताछ की. लेकिन उसके पास न तो आधार कार्ड है और न ही कोई डायरी व पैसा एवं कोई मोबाइल नंबर भी नहीं है. इस कारण वह घर जाने में असमर्थ है. वह बुखार से पीड़ित भी है. सदर अस्पताल गुमला से उसे कुछ दवाइयां मिली है, जिसे वह खाकर रह रहा है. रात भर दाल-भात केंद्र के नीचे एक कंबल के सहारे वह 15 दिनों से पड़ा है. उसने बताया कि वह कमाने के उद्देश्य से यहां आया था. किसने लाया पूछने पर कोई जवाब नहीं देता है. उसके घर में उसकी पत्नी व बच्चा भी है. घर का मोबाइल नंबर पूछने पर वह कुछ नहीं बोलता है. दाल-भात केंद्र से उसे कुछ भोजन मिल गया, तो वह उसी के सहारे जिंदा है. प्रभात खबर प्रतिनिधि ने सदर अस्पताल के डीएस डॉ धर्नुजय सुमरई को मामले से अवगत कराया, तो उन्होंने कहा कि उससे पूछने पर कोई वह सही जानकारी नहीं दे रहा है. उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि उसके घर का पता कर उसे जिला व पुलिस प्रशासन उसके घर भेजवाने की व्यवस्था करें. अन्यथा किसी प्रकार की अनहोनी होने पर सदर अस्पताल प्रबंधन उसका जिम्मेवार नहीं होगा.
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