घाघरा. मध्य प्रदेश की 80 पंचायतों के प्रतिनिधियों का एक एक्सपोजर विजिट दल गुरुवार को जिलांतर्गत घाघरा प्रखंड की चुंदरी पंचायत पहुंचा. उन्होंने ग्रामीण विकास एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में किये जा रहे नवाचारों का अवलोकन किया. यह दौरा इंटीग्रेटेड नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट (आइएनआरएम) गतिविधियों के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों के बीच अनुभवों व सफल मॉडलों का आदान-प्रदान करना है. पंचायत प्रतिनिधियों के आगमन पर स्थानीय पंचायत पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया और पंचायत में संचालित विकास योजनाओं की जानकारी साझा की. प्रतिनिधियों ने चुंदरी पंचायत क्षेत्र में जल संरक्षण, जल संरचनाओं का निर्माण, भूमि विकास, आजीविका संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण तथा सामुदायिक सहभागिता से जुड़ी गतिविधियों का अध्ययन किया. मध्य प्रदेश से आये पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि चुंदरी पंचायत में आइएनआरएम के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर ग्रामीणों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया गया है. उन्होंने कहा कि यहां देखे गये सफल कार्यों और मॉडलों को वे अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करने का प्रयास करेंगे, जिससे ग्रामीण विकास को नयी गति मिल सके. दौरे के दौरान एक संवाद सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किये तथा कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की. मुखिया विनीता कुमारी ने बताया कि पंचायत में मनरेगा व 15वें वित्त आयोग की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है. योजनाओं के प्रस्ताव ग्रामसभा के माध्यम से आते हैं और पंचायत कार्यकारिणी की स्वीकृति के बाद अभिलेख संधारण करते हुए उनका कार्यान्वयन किया जाता है. मौके पर उप मुखिया अजीत पाठक, आदित्य भगत, मुनेश्वर उरांव, रीमा उरांव, सुनीता उरांव, मनमेंत देवी, रीना देवी, कैलाश महतो, महेश लोहार, दिलीप उरांव, अभय, शंकर साहू, विपिन साहू, गोपीनाथ, अनिल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.
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