नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी किशोर को 15 साल की सजा, 20 हजार जुर्माना

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14 गुम 21 में गुमला कोर्ट | Prabhat Khabar Network

गुमला कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 15 साल की सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है। जानिए क्या है पूरा मामला।

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गुमला: गुमला सिविल कोर्ट के एडीजे-1 प्रेम शंकर की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी किशोर को दोषी करार देते हुए 15 वर्ष के कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना राशि जमा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. मामला गुमला जिले के भरनो थाना क्षेत्र से जुड़ा है और घटना वर्ष 2016 की है. अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों का अवलोकन किया. इन साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया. दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने उसके खिलाफ सजा निर्धारित की.

स्कूल से घर लौट रही थी 14 वर्षीय छात्रा

अभियोजन के अनुसार, घटना 26 नवंबर 2016 की है. उस समय पीड़िता की उम्र 14 वर्ष थी और वह छात्रा थी. घटना के दिन वह स्कूल से अपने घर लौट रही थी. इसी दौरान आरोपी किशोर ने उसे अपने साथ ले जाकर जंगल की ओर ले गया. अभियोजन का आरोप है कि वहां हथियार का भय दिखाकर नाबालिग के साथ जबरन दुष्कर्म किया गया. घटना के बाद पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी. मामले की जानकारी मिलने के बाद परिजन उसे लेकर भरनो थाना पहुंचे. वहां घटना को लेकर लिखित आवेदन दिया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की.

प्राथमिकी के बाद शुरू हुई थी पुलिस जांच

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की. जांच के दौरान संबंधित साक्ष्यों को एकत्र किया गया और मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किये गये. पुलिस की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ी. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को प्रस्तुत किया. अदालत ने सुनवाई के दौरान सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण किया. अभियोजन की ओर से रखे गये साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया.

साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर दोष सिद्ध

अदालत में हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से संबंधित विभिन्न साक्ष्यों को सामने रखा. गवाहों के बयानों और अन्य उपलब्ध सामग्री के आधार पर अदालत ने आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों को सिद्ध माना. इसके बाद एडीजे-1 प्रेम शंकर की अदालत ने आरोपी को 15 वर्ष के कारावास की सजा सुनायी. अदालत ने सजा के साथ आरोपी पर 20 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है. न्यायालय के आदेश के अनुसार, यदि आरोपी निर्धारित जुर्माना राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. इस तरह अदालत ने मामले में दोष सिद्ध होने के बाद कारावास और जुर्माने दोनों का प्रावधान किया है.

वर्ष 2016 की घटना, वर्षों बाद आया फैसला

भरनो थाना क्षेत्र की यह घटना 26 नवंबर 2016 की है. घटना के बाद प्राथमिकी दर्ज होने और पुलिस जांच के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा. इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत मामले की सुनवाई चली. गवाहों के बयान और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया. न्यायालय का यह फैसला ऐसे मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों पर सुनाया फैसला

मामले में अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपना निर्णय सुनाया है. दोष सिद्ध होने के बाद आरोपी को 15 वर्ष के कारावास के साथ 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी गयी है. जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया गया है. नाबालिग से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में न्यायालयों के सामने पीड़ित की सुरक्षा, गरिमा और न्याय सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होता है. इस मामले में भी अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के दोष पर निर्णय दिया और सजा निर्धारित की.

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दुर्जय पासवान

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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