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Jharkhand Naxal News : गुमला के मरवा जंगल में पुलिस-नक्सली इनकाउंटर में 15 लाख का इनामी बुद्धेश्वर बच निकला, मिनी कैंप ध्वस्त, पढ़ें पूरी खबर

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Jharkhand news : पुलिस-नक्सली मुठभेड़ के बाद गुमला के मरवा जंगल में सर्च अभियान में जुटी पुलिस.
Jharkhand news : पुलिस-नक्सली मुठभेड़ के बाद गुमला के मरवा जंगल में सर्च अभियान में जुटी पुलिस.
प्रभात खबर.

Jharkhand Naxal News (दुर्जय पासवान, गुमला) : झारखंड के गुमला से करीब 30 किमी दूर स्थित मरवा जंगल (चैनपुर प्रखंड) में सोमवार की सुबह 7.30 बजे गुमला पुलिस व भाकपा माओवादी के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ शाम 4.30 बजे तक रूक-रूककर होते रही. सैंकड़ों राउंड गोली चली है. मुठभेड़ में पुलिस ने एक नक्सली को मार गिराया. मृतक नक्सली संतरी था और संगठन के शीर्ष नेता 15 लाख के इनामी बुद्धेश्वर उरांव की सुरक्षा में था. संतरी के मारे जाने के बाद बुद्धेश्वर उरांव घने जंगलों के बीच जा घुसा. पुलिस ने नक्सलियों के मिनी कैंप को ध्वस्त कर दिया. रायफल, गोली, आइइडी बम, विस्फोटक, कपड़ा, खाने पीने का सामान, मेडिकल किट, इंजेक्शन, बिस्तर बरामद हुआ है. अभी भी नक्सली मरवा जंगल के इलाके में है. पुलिस नक्सलियों की तलाश में 6 बजे तक सर्च ऑपरेशन चलायी.

Jharkhand news : पुलिस-नक्सली मुठभेड़ के बाद पुलिस ने नक्सलियों के कई सामान को किया बरामद.
Jharkhand news : पुलिस-नक्सली मुठभेड़ के बाद पुलिस ने नक्सलियों के कई सामान को किया बरामद.
प्रभात खबर.

इस प्रकार हुई मुठभेड़

बताया जा रहा है कि गुमला पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि भाकपा माओवादी का शीर्ष नेता बुद्धेश्वर उरांव, एरिया कमांडर रंथु उरांव, लजीम अंसारी अपने दस्ते के साथ मरवा जंगल में जुटे हैं. नक्सलियों की संख्या करीब 20 है. वे लोग बैठक कर किसी घटना को अंजाम देने की प्लानिंग कर रहे हैं. इस सूचना के बाद सोमवार की सुबह 4 बजे कोबरा बटालियन की टीम नक्सलियों को जंगल में पकड़ने के लिए घुसी. करीब 7.30 बजे कोबरा के जवान नक्सलियों के नजदीक पहुंच गये. कोबरा जवानों को देखकर बुद्धेश्वर उरांव के संतरी ने गोली चला दी. इसके बाद जवाबी कार्रवाई में संतरी मारा गया. संतरी पीठ पर पिट्ठू टांगे हुए था. शाम 6 बजे तक शव को पहाड़ से उतारा नहीं गया है. एसपी एचपी जनार्दनन ने कहा कि मरवा जंगल में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई है. देर शाम तक रूक-रूककर मुठभेड़ होते रही. एक नक्सली मारा गया है. उसकी पहचान नहीं हुई है.

चेहरे व पैर में लगी है गोली

मुठभेड़ में मारे गये नक्सली के कनपटी व गाल में एक-एक गोली लगी है जबकि दोनों पैर को गोली छेदते हुए निकल गयी है. शाम साढ़े छह बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए गुमला लाया गया. इंस्पेक्टर श्यामानंद मंडल की देखरेख में नक्सली को लगी गोली की जांच की गयी. पैर में गोली लगने से पैर का चिथड़ा उड़ गया है.

मुठभेड़ स्थल से बरामद सामग्री

मुठभेड़ स्थल से स्टील का 15 केन मिला है. नक्सली इसी केन से आइइडी बम बना रहे थे. एक रायफल मिला है. 75 पीस जिंदा गोली व दो पीस खोखा मिला है. मेडिकल किट था. जिसमें बुखार, सर्दी, खांसी व दर्द की दवा था. इंजेक्शन भी था. खाने पीने का सामान था. बिस्तर है. बिस्किट है. एक मोबाइल भी मिला है. जिसकी जांच की जा रही है. सहित कई सामग्री है.

शराब पीकर सो गये, पूछने पर कहा : गोलीबारी नहीं हुई

मरवा गांव से सटे जंगल में भीषण मुठभेड़ हुई. लेकिन, जब ग्रामीणों से पूछा गया कि सुबह कितने बजे से मुठभेड़ चल रही है. इसपर ग्रामीणों ने कहा कि हमें गोलीबारी की जानकारी नहीं है. जंगल में पटाखा फूटने का आवाज सुनायी दिया. गांव के ही पिल्लू महतो ने कहा कि जब गोलीबारी शुरू हुई, तो मैं डर से शराब पीकर सो गया क्योंकि गोलीबारी के बाद अक्सर कई लोग पूछने आते हैं. मेरा घर जंगल से सटा है, तो ज्यादा सवाल-जवाब मेरे व मेरे परिवार से ही होता है. इसलिए मैं एक की जगह दो बोतल महुआ शराब पीया और सो गया. अब कोई कुछ भी पूछे. मुझे गोलीबारी की जानकारी नहीं है.

15 लाख का इनाम लेने से चूक गया

मुठभेड़ के बाद करीब 10 बजे मरवा गांव में कोबरा के जवान एक पेड़ के नीचे बैठे हुए थे. तभी वहां पत्रकार पहुंच गये. मुठभेड़ की जानकारी दी. इसी दौरान एक जवान ने एक पत्रकार से पूछा कि जोनल कमांडर बुद्धेश्वर उरांव पर कितना इनाम था. जब जवान को बताया गया कि पुलिस विभाग ने 15 लाख रुपये का इनाम रखा है, तो जवान ने कहा कि ओह, 15 लाख के इनाम लेने से चूक गया. जवान ने कहा कि बुद्धेश्वर मिनी कैंप में बैठक कर रहा था, लेकिन उसकी किस्मत अच्छी थी. वह आज बच गया. अगर कुछ देर और रूकता, तो उसे जरूर मार गिराते.

पूछताछ के बाद दो युवकों को छोड़ा

मुठभेड़ स्थल से कुछ दूरी पर पुलिस ने दो युवकों को संदेह के आधार पर पकड़ा. एक युवक बोला कि गलती से मैं जंगल में घुस गया. जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने उक्त युवक को छोड़ दिया. इसके बाद पुलिस ने मरवा गांव के ही चरकू महतो को पकड़ा. पुलिस अधिकारी ने जांच व पूछताछ की, तो पता चला कि वह केरल मजदूरी करने गया था. उसके घर के एक सदस्य का निधन हो गया है. इसी सूचना पर रविवार को गांव आये हैं. युवक द्वारा दी गयी जानकारी सही होने पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया.

एक तरफ मुठभेड़, दूसरी तरफ मातम था

मरवा गांव के 7 वर्षीय करण महतो की मौत हो गयी थी. 10 दिन पहले अचानक वह रोने लगा. फिर उसकी मौत हो गयी. परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया. सोमवार को गांव में करण की मौत का दशकर्म था. लोग मातम में थे. वहीं, दूसरी ओर मरवा गांव से सटे जंगल में पुलिस व माओवादी के बीच भीषण मुठभेड़ हुआ. ग्रामीणों ने कहा कि मुठभेड़ के बाद हमलोग डर गये. कई लोग डर से शराब पीकर सो गये. वहीं, कुछ लोग दशकर्म में शामिल हुए.

...और गोली चलने लगी, पत्रकार भी डरे

दिन के एक बजे जंगल के समीप एक पेड़ के नीचे पत्रकार बैठे हुए थे. वे घटना की जानकारी एक ग्रामीण व कुछ जवानों से ले रहे थे. तभी अचानक जंगल में गोलीबारी होने लगी. तड़तड़ाहट से पूरा जंगल गूंज उठा. कुछ जवान आराम कर रहे थे. वे तुरंत गोलीबारी वाले स्थान की ओर भागे. वहीं, गोली चलने के बाद पत्रकार भी डर गये. कुछ पत्रकार गोलीबारी के बाद वहां से सुरक्षित स्थान मरवा गांव में आकर बैठ गये और जंगल में हो रही गोलीबारी की आवाज सुनने लगे.

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