गुमला. गुमला शहर में नगर परिषद की लापरवाही से पेयजल संकट दिनों-दिन गहराता जा रहा है. मेन रोड, बड़ाइक मोहल्ला, डीएसपी रोड, थाना रोड, जवाहर नगर, पालकोट रोड, गांधी नगर जैसे प्रमुख इलाकों में वर्षों से जलापूर्ति बाधित है. कुछ घरों में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद है, तो कुछ क्षेत्रों में गंदा, बदबूदार व दूषित पानी आ रहा है, जिससे लोग स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हो रहे हैं. उक्त बातें समाजसेवी शिशिर गुप्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही है. उन्होंने कहा कि गर्मी से पहले हालात और बिगड़ने की आशंका है. गर्मी के मौसम की शुरुआत होते पानी की किल्लत और गंभीर हो सकती है. नागरिकों का कहना है कि वे इस संकट से पिछले कई वर्षों से जूझ रहे हैं. लेकिन नगर परिषद द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है. स्थानीय लोग महंगे टैंकरों व निजी जल स्रोतों पर निर्भर होने को मजबूर हैं. जबकि कई परिवारों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है. जिन क्षेत्रों में पानी आ रहा है, वहां भी उसकी गुणवत्ता बेहद खराब है. पीले, बदबूदार व अशुद्ध पानी के कारण पेट संबंधी बीमारियां, जलजनित संक्रमण व त्वचा रोग जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. इस संबंध में गुमला के नागरिकों व सामाजिक संगठनों ने नगर परिषद व पीएचइडी विभाग से प्रभावित इलाकों में तुरंत स्वच्छ व पर्याप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति बहाल करने, गंदे पानी की समस्या को दूर करने के लिए जल गुणवत्ता की नियमित जांच करने, पुरानी व खराब पाइप लाइनों की मरम्मत कर जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने, नगर परिषद द्वारा इस समस्या पर एक सार्वजनिक बैठक आयोजित कर जनता को संतोषजनक जवाब देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया जायेगा, तो स्थानीय नागरिक नगर परिषद का घेराव करेंगे. और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जायेगा. पानी जीवन का मूलभूत अधिकार है और इसकी आपूर्ति बाधित रहना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है. हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि इस गंभीर मुद्दे पर एकजुट होकर नगर परिषद व प्रशासन से जवाबदेही की मांग करें.
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