गैस किल्लत पर गुमला में फूटा गुस्सा, आक्रोशित लोगों ने सड़क किया जाम

गैस किल्लत से आक्रोशित लोगों को समझाते पुलिस के अधिकारी. फोटो: प्रभात खबर
Gumla LPG Crisis: गुमला में गैस किल्लत को लेकर लोगों का गुस्सा फूटा. 5 दिनों से लाइन में खड़े लोगों ने सड़क जाम कर विरोध किया. गैस वितरण में अनियमितता के आरोप लगे. प्रशासन मौके पर पहुंचा, लेकिन लोग तत्काल समाधान की मांग पर अड़े रहे, जिससे हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla LPG Crisis: झारखंड के गुमला शहर में रसोई गैस की किल्लत को लेकर लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर खुलकर सामने आ गया है. समाहरणालय के समीप सैकड़ों की संख्या में लोग इकट्ठा होकर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करने लगे. हालात ऐसे बन गए कि पूरे इलाके में यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई और आम जनजीवन प्रभावित हो गया.
5 दिनों से लाइन में खड़े लोग, फिर भी नहीं मिला सिलेंडर
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे पिछले 5 दिनों से गैस सिलेंडर के लिए लाइन में लगे हुए हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिलेंडर नहीं मिल सका है. लोगों ने आरोप लगाया कि गैस से भरे ट्रक शहर पहुंचते ही सीधे गोदाम के अंदर भेज दिए जाते हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं तक गैस नहीं पहुंच पा रही है. महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी इस समस्या से परेशान हैं और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं.
वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित हो गई है. कुछ लोगों को प्राथमिकता देकर सिलेंडर दिया जा रहा है, जबकि आम लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं. इस अव्यवस्था ने लोगों के बीच असंतोष और आक्रोश को और बढ़ा दिया है.
नेल्सन भगत ने जताया आक्रोश
गैस संकट को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता नेल्सन भगत ने भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि 5 दिनों से लाइन में खड़े लोगों की स्थिति बेहद चिंताजनक है और प्रशासन इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा है. उन्होंने खास तौर पर आने वाले सरहुल, ईद और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण पर्वों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे समय में गैस की कमी लोगों के लिए बड़ी समस्या बन सकती है. उन्होंने प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने की अपील की.
सड़क जाम से प्रभावित हुआ यातायात
प्रदर्शन के कारण शहर की मुख्य सड़क पूरी तरह जाम हो गई, जिससे आवागमन ठप हो गया. कई घंटों तक वाहन सड़क पर फंसे रहे और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. स्कूल जाने वाले बच्चे, कार्यालय जाने वाले कर्मचारी और अन्य यात्री सभी इस जाम से प्रभावित हुए.
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया. अधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाएगा और सभी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा. हालांकि, प्रदर्शनकारी तत्काल समाधान की मांग पर अड़े रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी.
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तनावपूर्ण बनी हुई है स्थिति
फिलहाल गुमला में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. लोगों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है और वे लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. यह घटना न केवल गैस आपूर्ति व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी है कि आम जनता की बुनियादी जरूरतों को समय पर पूरा करना कितना जरूरी है. अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी बिगड़ सकती है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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