डुमरी. प्रोजेक्ट द्वार के तहत उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने बुधवार को डुमरी प्रखंड के आदिम जनजातीय गांव असुरटोली का दौरा किया. यह गांव के लिए ऐतिहासिक अवसर रहा, क्योंकि पहली बार जिले का कोई उपायुक्त असुरटोली पहुंचा. उपायुक्त के आगमन से ग्रामीणों में उत्साह व विश्वास का माहौल देखने को मिला. उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जमीन पर बैठ कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना. उन्होंने कहा कि वह ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं को जानने और उनके समाधान के लिए यहां आयी हैं. उपायुक्त के सरल व संवेदनशील व्यवहार से ग्रामीण काफी प्रभावित नजर आये. गांव की मुखिया ज्योति बहेर देवी ने उपायुक्त का स्वागत करते हुए गांव के लिए गर्व का पल बताया. उन्होंने गांव की प्रमुख समस्याओं को सामने रखते हुए कहा कि गांव तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है. साथ ही उन्होंने पेयजल संकट की जानकारी देते हुए बताया कि असुरटोली की पानी की टंकी फट चुकी है, जबकि लिटियाचुआं और औखरखड़ा गांव की टंकियां भी क्षतिग्रस्त हैं. इसके अलावा महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की मांग भी रखी गयी. ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये. पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता को फटी पानी की टंकी को अगले दिन दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया. सड़क निर्माण को लेकर आरइओ के जेइ को स्थल निरीक्षण कर अलाइनमेंट तैयार करने को कहा गया. वहीं महिलाओं के लिए मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिलाने का निर्देश उपायुक्त ने दिया. उपायुक्त ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य व शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि सभी अभिभावक अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें. उन्होंने कुपोषण पर चिंता जताते हुए कहा कि कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो, इसके लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है. उपायुक्त ने बताया कि गांव में आने से पहले ही सर्वे कर लाभुकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया गया है. इस दौरान चार लाभुकों को राशन कार्ड, पांच को आधार कार्ड, सात को जन्म प्रमाण पत्र, पांच को पेंशन प्रमाण पत्र, तीन को सावित्री फुले बाई योजना, दो को मातृ वंदना योजना, दो को आवासीय प्रमाण पत्र, पांच को जाति प्रमाण पत्र तथा 11 लाभुकों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया. इसके अलावा 24 परिवारों के बीच कंबल व मच्छरदानी का वितरण किया. मौके पर ग्रामीणों ने ओखड़गढा से लतापानी होते हुए छत्तीसगढ़ बॉर्डर तक लगभग चार किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग को लेकर उपायुक्त को आवेदन भी सौंपा. इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत, जिला योजना पदाधिकारी रमन कुमार, बीडीओ उमेश स्वांसी, सिविल सर्जन डॉ. शंभुनाथ चौधरी समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे.
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