रायडीह. धर्मप्रांतीय काथलिक महिला संघ गुमला की 30वीं वार्षिक आमसभा संत इग्नासियुस चर्च मांझाटोली में शुरू हुई. आमसभा में गुमला धर्मप्रांत के आठ भिखारिएट के 39 पल्ली की महिलाओं ने भाग लिया. मुख्य अतिथि गुमला के बिशप लीनुस पिंगल एक्का थे. उन्होंने आमसभा का शुभारंभ संत पापा का झंडोत्तोलन कर किया. इसके बाद सभी अतिथियों का स्वागत किया गया. प्रथम दिन आठों भिखारिएट चैनपुर, नवाडीह, बनारी, करौंदाबेड़ा, ममरला, कोनबीर नवाटोली, गुमला, मांझाटोली की भिखारिएट रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी. रिपोर्ट के दौरान तीन प्रश्न पहला गुमला धर्मप्रांत काथलिक महिला संघ के सदस्य होने के नाते आज आपका क्या योगदान होगा, जो कल की माताओं को भविष्य में शक्ति प्रदान करेगा. दूसरी आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाने के लिए आप क्या करेंगे व तीसरा गुमला धर्मप्रांत की माताएं आने वाली आदिवासी अस्तित्व की रक्षा के लिए सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक तौर पर कौन सा कदम उठायेंगी. इस पर चर्चा करते हुए इसका समाधान प्रस्तुत किया गया. समाज के कल्याण पर चर्चा की गयी. प्रथम दिन के मुख्य वक्ता फादर कुलदीप खलखो थे. उन्होंने आशा के तीर्थ यात्री विषय पर विस्तार पूर्वक बताया. उन्होंने कहा कि यह वर्ष ईशा मसीह के जन्म का 2025 वर्ष पूरा हो रहा है. यह वर्ष हमारे लिए जुबली वर्ष है और हमें यह जुबली वर्ष को बहुत ही महत्वपूर्ण रूप से मनाना है. पहले जुबली वर्ष के दौरान कर्जदारों व ऋण में दबे लोगों को कर्ज व ऋण से मुक्त किया जाता था. मौके पर वीजी फादर जेफ्रेनियुस तिर्की, फादर सामुएल कुजूर, फादर कुलदीप खलखो, फादर संदीप किंडो, सिस्टर अनिता एक्का, सभा नेत्री फ्लोरा मिंज, सचिव जयंती तिर्की, फातिमा जसिंता किंडो, पुष्पा बाड़ा, रजनी लकडा़, अरुणा बेक, दिव्या सरिता मिंज, मंजू बेक, प्रफुला कुजूर आदि महिलाएं मौजूद थीं.
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