गुमला. आंजन धाम में एक शाम आंजन धाम महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें 50 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए. मौके पर भक्तों ने पहाड़ पर स्थित मंदिर में पूजा की. मुख्य अतिथि सांसद सुखदेव भगत ने कहा है कि आंजन धाम में शक्ति व भक्ति का समिश्रण देखने को मिला. मैं सौभाग्यशाली हूं कि हनुमान जी की जन्मस्थली में आकर पूजा की. कहा कि विश्व में आंजन धाम की ख्याति मिले. इसके लिए मैं प्रयास कर रहा हूं. पर्यटन व धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जायेगा. मैंने संसद सत्र में भी इस क्षेत्र के पर्यटक स्थलों के विकास करने की मांग उठाया हूं. अगर यह क्षेत्र रेलवे लाइन से जुड़ता है, तो गुमला जिले के पर्यटन स्थलों का विकास होगा. साथ ही रोजगार के अवसर पर खुलेंगे. मैंने केंद्र सरकार से गुमला को रेलवे लाइन से भी जोड़ने की मांग की है. आयोजन समिति के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद मिश्रा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जन्मोत्सव राष्ट्रीय युवा दिवस पर आंजन धाम में चतुर्थ एक शाम आंजनधाम महोत्सव का सफल आयोजन हुआ है. कमेटी का प्रयास है कि आंजन धाम की ख्याति दूर दूर तक पहुंचे. साथ ही यह धार्मिक व पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो. इसके लिए भी लगातार प्रयास हो रहा है. मौके पर जशपुर राजा रणविजय सिंह जूदेव, रानी अमृता सिंह जूदेव, युवराज यश प्रताप सिंह जूदेव, राष्ट्रीय संयोजक मुकेश सिंह, सांसद के पीए आलोक साहू, दिशा सदस्य अनिरुद्ध चौबे, दिशा सदस्य संतोष कुमार गुप्ता, अरविंद मिश्रा, अमरेश मिश्रा, राष्ट्रीय महामंत्री प्रभुराज सिंह, मनीष राजगढ़िया, उदय चंद्र मुखर्जी, सुशील पंडा, अजय सिंह राणा, केशव चंद्र साय, दुर्गा सिंह, अभय महतो, जयशंकर जयपुरिया, सुरेश भगत, सुरेंद्र महली, संतोष यादव, किशोर सिंह, बिरजू सिंह, नरेंद्र महतो, हरि बैठा, प्रभाकर पाठक, धनंजय जायसवाल, सूरज साहू, अनिमेष कुमार, विकास साहू, चंदन गोयल, सत्यजीत सिंह, लक्ष्मी भगत आदि मौजूद थे.
आंजन धाम को वैश्विक पहचान दिलाना मकसद : दिवाकर
राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित दिवाकर पाठक ने कहा है कि आंजन धाम को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से वर्ष 2023 से प्रतिवर्ष युवा दिवस पर आंजन धाम में महोत्सव आयोजित हो रहा है. यह महोत्सव युवाओं को ऊर्जा, विचार, एकता व सामाजिक सनातन मंच प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है. यह महोत्सव हम सभी के सामूहिक प्रयासों से लगातार पिछले चार वर्षों से सफलतापूर्वक आयोजित होते आ रहा है. प्रतिवर्ष यह आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने तथा सनातन संस्कृति को एक मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम बन रहा है. मौके पर भव्य पूजन कार्यक्रम काशी के आचार्यों द्वारा कराया गया. साथ ही संगीतमय सुंदरकांड पाठ, आंजन धाम के सभी भक्तों द्वारा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, श्रीराम भक्त हनुमान की आरती, भंडारा व महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया. आरती व हनुमान चालीसा में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी.
कॉरिडोर के रूप में विकास करने की योजना
आंजनधाम समेत इसके आसपास के सभी धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है. रामरेखा से लेकर नेतरहाट तक, गुमला व सिमडेगा के सीमावर्ती स्थित रामरेखा धाम, टांगीनाथ धाम, सिरासीता धाम, हीरादह, पालकोट दशभुजा मंदिर, देवगांव गुफा, केतूका धाम, महादेव मुंडा (बसिया), बानपुर शिव मंदिर (कामडारा), आमटोली पहाड़गांव शिव मंदिर, कमलेश्वर धाम (भरनो), नवरत्न गढ़ कपिलनाथ मंदिर, चिरैयानाथ मंदिर, जगन्नाथ मंदिर (नागफेनी), अखिलेश्वर धाम, खकपरता शिव मंदिर, कोराम्बे जगन्नाथ मंदिर, चंदवा गढ़गांव, हापामुनी महामाया मंदिर, पांच पांडव पहाड़, बर महादेव, रंगनाथ मंदिर, वासुदेव कोना शिव मंदिर एक कॉरिडोर के रूप में बनता है.
प्रसाद लेने के लिए लगी भक्तों की कतार
एक शाम आंजन धाम महोत्सव कमेटी द्वारा आंजन धाम में प्रसाद का वितरण किया गया. कमेटी के अनुसार एक लाख से अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया. खीर-पुड़ी प्रसाद के रूप में वितरण किया गया. भक्तों ने कतार पर खड़े होकर प्रसाद ग्रहण किया है.
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