झारखंड : गुमला के गांवों में बच्चे किताब से पहले पढ़ रहे ‘भाकपा माओवादी जिंदाबाद’

Published at :28 Apr 2017 11:41 AM (IST)
विज्ञापन
झारखंड : गुमला के गांवों में बच्चे किताब से पहले पढ़ रहे ‘भाकपा माओवादी जिंदाबाद’

!!दुर्जय पासवान!! गुमला :किताब से पहले स्कूली बच्चे‘भाकपा माओवादी जिंदाबाद’ पढ़ रहे हैं. भाकपा माओवादियों ने झारखंड के गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड के चापाकोना, चौरापाट, टुटुवापानी, कोरकोपाट व आसपास गांव के कई स्कूलों में स्लोगन लिखा है. इसमें नक्सलियों ने युवाओं से संगठन में शामिल होने की अपील की है. इससे इस क्षेत्र के […]

विज्ञापन

!!दुर्जय पासवान!!

गुमला :किताब से पहले स्कूली बच्चे‘भाकपा माओवादी जिंदाबाद’ पढ़ रहे हैं. भाकपा माओवादियों ने झारखंड के गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड के चापाकोना, चौरापाट, टुटुवापानी, कोरकोपाट व आसपास गांव के कई स्कूलों में स्लोगन लिखा है. इसमें नक्सलियों ने युवाओं से संगठन में शामिल होने की अपील की है. इससे इस क्षेत्र के बच्चों के मन में डर बैठता जा रहा है. कई बच्चे नक्सली डर से स्कूल भी जाना नहीं चाहते हैं. नक्सलियों का डर शिक्षकों पर भी है. यही वजह है कि स्कूलों में लिखे स्लोगन को शिक्षक नहीं मिटा रहे हैं. यहां बता दें कि ये सभी गांव गुमला व लातेहार जिला के बॉर्डर पर हैं. इस क्षेत्र में अभी भी लातेहार व गुमला के माओवादियों का आना-जाना लगा रहता है.
इस प्रकार मामला सामने आया
इसका खुलासा बुधवार को उस समय हुआ. जब भारत हेवी इलेक्ट्रीकल लिमिटेड के सहायक निदेशक बी विश्वनाथ व समाज सेवी भूषण भगत ने इन गांवों का दौरा किया. सबसे पहले चापाकोना स्कूल गये. स्कूल के बगल में ही आंगनबाड़ी केंद्र है. दीवारों में माओवादियों ने मोटे अक्षरों में स्लोगन लिखा है. गांव के ही कुछ बच्चों से भेंट हो गयी. उनसे पूछने पर बताया कि वर्ष 2016 के सितंबर माह में नक्सलियों ने स्कूल में बैठक कर स्लोगन लिखा है. श्री विश्वनाथ व श्री भगत ने गांव के लोगों से क्षेत्र के बारे में जानकारी लेते हुए शिक्षा की स्थितिके संबंध मेंपूछताछ की. लोगों ने बताया कि नक्सली बच्चों को उठाकर न ले जायें, इसलिए कई बच्चे स्कूल जाना नहीं चाहते हैं.
सरेंडर, के बाद भी दहशत है
हार्डकोर नक्सली नकुल यादव व मदन यादव के सरेंडर करने के बाद भी इस क्षेत्र में दहशत है. पहले इन गांवों से नक्सलियों ने बच्चों की मांग की थी. कई बच्चों को उठाकर भी ले गये थे. इसलिए जबनक्सलियों ने स्कूलों में स्लोगन लिखा तो इस क्षेत्र मेंडर और बढ़ गया है. कोई डर से स्लोगन मिटाने को तैयार भी नहीं है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola