गुमला : जिले में नक्सलियों के भय से एक अरब रुपये की लागत से बननेवाली तीन सड़कों का टेंडर रद्द कर दिया गया है. यह तीनों सड़क गुमला जिले के करीब 350 गांवों के लिए लाइफ लाइन है. अभी सड़क की स्थिति खराब है. सड़क बन जाने से कई गांवों की दूरी प्रखंड मुख्यालय से कम हो जायेगी. तीनों सड़कें अलबर्ट एक्का जारी प्रखंड, चैनपुर व डुमरी प्रखंड में बननी थी. नक्सलियों के खौफ के कारण सड़क का टेंडर विभाग ने रद्द कर दिया है. विभाग को आशंका है कि सड़क बनाने में नक्सली बाधा उत्पन्न कर सकते हैं. वहीं विभाग का दावा है कि एक सप्ताह के अंदर दोबारा इन तीनों सड़कों का टेंडर निकाला जायेगा.
एक अरब की…
पूर्व में जिस लागत से सड़क बननी थी. संभवत: नये टेंडर में सड़क की लागत बढ़ सकती है. इन सड़कों के निर्माण पर राज्य सरकार 40 प्रतिशत व केंद्र सरकार 60 प्रतिशत राशि खर्च होगी.
टेंडर रद्द करने का कारण : चैनपुर, डुमरी व जारी प्रखंड छत्तीसगढ़ से सटा है. पहले से इस क्षेत्र में भाकपा माओवादी सक्रिय हैं. नक्सलियों के कारण इस क्षेत्र में विकास का काम बाधित होता रहा है. सरकार चाहती है कि सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर मजबूत सड़क बने. इसलिए पूर्व में निकाले गये टेंडर को रद्द कर नये सिरे से सड़क का टेंडर कराकर काम कराने की योजना है.
सड़क बनने से क्या-क्या फायदे होंगे : छत्तीसगढ़ के लोदाम प्रखंड में भलमंडा गांव है. भलमंडा गांव से झारखंड का जारी प्रखंड का मेराल गांव जुटता है. मेराल से लेकर जारी तक पूर्व में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क बनी थी. लेकिन नक्सली का बहाना बनाकर ठेकेदारों ने घटिया काम किया. जिससे सड़क बनते के साथ उखड़ गयी. इसलिए इस बार उक्त सड़क को पथ निर्माण विभाग से कराने की योजना है. सड़क की दूरी मेराल से जारी होते हुए भिखमपुर तक बढ़ा दी गयी है. वहीं चैनपुर से कुरूमगढ़ होते हुए कोटाम से घाघरा तक की सड़क बहुत ही खराब है. अगर ये सड़क बन जाती है तो घाघरा की दूरी चैनपुर से कम हो जायेगी. इसी प्रकार चैनपुर से नवगाई व जैरागी तक सड़क चलने लायक नहीं है. अगर सड़क बन जाती है तो अपरशंख को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जा सकता है.
इन तीन सड़कों का टेंडर रद्द किया गया है
1 : : चैनपुर से कुरूमगढ़, कोटाम होते हुए घाघरा तक 42 किमी सड़क बननी है. लागत 52 करोड़ रुपये है. फिलहाल टेंडर रद्द कर दिया गया है.
2 : भिखमपुर से जारी गांव होते हुए मेराल (छत्तीसगढ़ राज्य का बॉर्डर) तक 20 किमी सड़क बननी है. लागत 22 करोड़ रुपये है. टेंडर रद्द कर दिया गया है.
3 : चैनपुर से नवागाई होते हुए डुमरी प्रखंड के जैरागी तक 28 किमी सड़क बननी है. लागत 30 करोड़ रुपये है. फिलहाल में इसका टेंडर रद्द कर दिया गया है.
तीनों सड़कें नक्सली क्षेत्र में है. इस कारण फिलहाल में रांची मुख्यालय स्तर से टेंडर रद्द किया गया है. दो तीन दिन के अंदर दोबारा टेंडर निकाला जायेगा. इस बार कुछ लागत ज्यादा रहेगा. आरसीपीएलडब्ल्यू के तहत तीनों सड़कों का निर्माण किया जायेगा.
विनोद कच्छप, कार्यपालक अभियंता, पीडब्ल्यूडी, गुमला
अलबर्ट एक्का जारी प्रखंड, चैनपुर व डुमरी प्रखंड में बननी थी सड़कें
सड़क नहीं रहने से 350 गांवों का विकास बाधित है
तीनों सड़कों का दोबारा टेंडर निकालने की योजना है
राज्य सरकार 40 व केंद्र सरकार 60 प्रतिशत राशि देगी