जोहार आदिवासी क्लब ने ऊर्जानगर राजेंद्र स्टेडियम में पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ सोहराय पर्व मनाया. इस अवसर पर एसडीओ आलोक वरण केसरी और एसडीपीओ चंद्रशेखर आजाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ कर आदिवासी संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया. इस दौरान पारंपरिक आदिवासी नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गयीं. लोक कलाकारों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य कर दर्शकों का मन मोह लिया. लोकगीतों और नृत्यों के माध्यम से सोहराय पर्व से जुड़ी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में पेश किया गया. समाजसेवी बेटा राम मुर्मू ने सोहराय पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व प्रकृति, पशुधन और समृद्धि से जुड़ा एक पवित्र उत्सव है. सोहराय आदिवासी समाज की पहचान, आस्था और जीवनशैली का प्रतीक है, जिसमें प्रकृति के प्रति सम्मान और पशुधन के संरक्षण की भावना निहित है. उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने का आह्वान किया. महागामा, ऊर्जा नगर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए. आयोजन के माध्यम से आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का सशक्त संदेश भी समाज में पहुंचाया गया.
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