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निकाय चुनाव : कई दावेदारों के सपने चकनाचूर, तो कई के जागे अरमान

Updated at : 10 Jan 2026 6:51 PM (IST)
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निकाय चुनाव : कई दावेदारों के सपने चकनाचूर, तो कई के जागे अरमान

वर्ष 2018 में यह सीट अनारक्षित (अन्य) होने के कारण कई संभावित दावेदार बाहर हो गए थे. नये सिरे से आरक्षण तय होने के बाद यह सीट ओबीसी-1 (अन्य) कोटे में आ गयी.

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तैयारी में जुटे प्रत्याशियों के बीच कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौलप्रतिनिधि, गोड्डा

झारखंड निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा शुक्रवार को सीटों की आरक्षण सूची जारी कर दी गयी. इस सूची के सामने आते ही लंबे समय से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कई दावेदार मायूस हो गए, जबकि कुछ ऐसे भी हैं जिनके अरमान फिर से जाग उठे हैं. कुल मिलाकर निकाय चुनाव की तैयारी में जुटे प्रत्याशियों के बीच कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल है. झारखंड का गोड्डा जिला भी इससे अछूता नहीं रहा. गोड्डा जिले में एक नगर परिषद और एक नगर पंचायत है. वर्ष 2021 में महागामा को नगर पंचायत का दर्जा दिया गया था. महागामा नगर पंचायत का अपना भवन नहीं है और वर्तमान में इसका कार्यालय एसडीओ कार्यालय भवन में संचालित हो रहा है. गोड्डा नगर परिषद और महागामा नगर पंचायत चुनाव को लेकर दावेदारों की लंबी कतार है. आरक्षण सूची जारी होते ही कुछ दावेदारों की उम्मीदें जगी हैं तो कुछ की उम्मीदों पर पानी फिर गया है. नगर प्रशासन से जुड़े अधिकारी अरविंद प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सूची के अनुसार गोड्डा नगर परिषद के अध्यक्ष पद की सीट ओबीसी-1 (अन्य) तथा महागामा नगर पंचायत के अध्यक्ष पद की सीट अनुसूचित जनजाति (अन्य) के लिए आरक्षित की गयी है.

बिना चुनाव लड़े ही बाहर हुए कई दावेदार

गोड्डा नगर परिषद और महागामा नगर पंचायत के अध्यक्ष पद की आरक्षण सूची जारी होने के बाद पहले से जनसंपर्क में जुटे कई चेहरे अब मुरझाने लगे हैं. कारण यह है कि उनकी अपेक्षा के अनुरूप आरक्षण नहीं हुआ, जिससे वे बिना चुनाव लड़े ही मैदान से बाहर हो गये. दूसरी ओर, जिनके पक्ष में आरक्षण आया है, उनके चेहरे पर रौनक लौट आयी है. वे अपने संसाधन जुटाने में लग गये हैं, जिन दिग्गजों को चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला, वे अब अपने करीबियों को चुनावी मैदान में उतारने की रणनीति बना रहे हैं.

प्रतिष्ठा की सीट बनी गोड्डा नगर परिषद

नगर परिषद गोड्डा की सीट ओबीसी-1 (अन्य) होने से यह प्रतिष्ठा की सीट बन गयी है. वर्ष 2018 में यह सीट अनारक्षित (अन्य) होने के कारण कई संभावित दावेदार बाहर हो गए थे. नये सिरे से आरक्षण तय होने के बाद यह सीट ओबीसी-1 (अन्य) कोटे में आ गयी है, जिससे मुकाबला रोचक होने के आसार है. नगर पंचायत महागामा की सीट एसटी (अन्य) होने से यहां भी चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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