ट्रेन में लूटपाट का विरोध करना पड़ा महंगा, गोड्डा निवासी जेइ की गोली मारकर हत्या

Edited by SANJEET KUMAR
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खगड़िया-सहरसा रेलखंड पर वारदात, पटना में इलाज के दौरान तोड़ा दम

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बिहार के खगड़िया-सहरसा रेलखंड पर बदलाघाट के समीप अपराधियों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देते हुए झारखंड के गोड्डा जिले के निवासी जूनियर इंजीनियर की गोली मारकर हत्या कर दी. मृतक की पहचान मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के हरिपुर गरवन्ना निवासी प्रकाश भंडारी के 35 वर्षीय पुत्र गुंजन कुमार देव (देव कुमार) के रूप में हुई है. बताया जाता है कि ट्रेन में लूटपाट का विरोध करने पर अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी थी. पटना में इलाज के दौरान रविवार को उनकी मौत हो गयी. सोमवार सुबह उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गयी.

एमवीआइ पत्नी से मिलने सहरसा जा रहे थे जेइ

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात देव कुमार गुंजन अपनी पत्नी अस्मिता कुमारी और तीन वर्षीय पुत्री वर्तिका गुंजन से मिलने जनसाधारण एक्सप्रेस से सुपौल जा रहे थे. उनकी पत्नी सुपौल में एमवीआइ के पद पर कार्यरत हैं. यात्रा के दौरान खगड़िया जिले के मानसी और बदलाघाट स्टेशन के बीच 52 नंबर रेल पुल के समीप हथियारबंद अपराधियों ने ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट शुरू कर दी. जब अपराधियों ने देव कुमार को निशाना बनाने का प्रयास किया, तो उन्होंने साहस दिखाते हुए इसका विरोध किया. विरोध से बौखलाये अपराधियों ने उनके सीने में ताबड़तोड़ गोलियां दाग दीं, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गये. घटना के बाद अपराधी मौके से फरार हो गये.

इलाज के दौरान हुई मौत

घटना के बाद घायल देव कुमार को पहले सदर अस्पताल, खगड़िया ले जाया गया. उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेगूसराय के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया. बाद में बेहतर इलाज के लिए पटना के सुभाष अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद रविवार शाम उन्होंने दम तोड़ दिया. सोमवार सुबह एंबुलेंस से जैसे ही देव कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव हरिपुर गरवन्ना पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. मृतक का अंतिम संस्कार गांव में ही किया गया. उनके छोटे भाई चंदन कुमार ने मुखाग्नि दी. मृतक की माता जमयंती देवी आंगनबाड़ी सेविका हैं, जबकि पिता प्रकाश भंडारी होमगार्ड के जवान हैं और मंडल कारा में प्रतिनियुक्त हैं. पत्नी अस्मिता कुमारी एवं तीन वर्षीय पुत्री वर्तिका गुंजन का रो-रोकर बुरा हाल है. ग्रामीणों ने बताया कि देव कुमार मिलनसार, कर्तव्यनिष्ठ और प्रतिभाशाली अधिकारी थे, जिनकी असमय मृत्यु से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है.

पांच वर्ष पहले किया था प्रेम विवाह

देव कुमार गुंजन पिछले 15 वर्षों से विद्युत विभाग में कार्यरत थे और वर्तमान में जमुई के मलयपुर पावर ग्रिड में जूनियर इंजीनियर के पद पर पदस्थापित थे. उन्होंने पांच वर्ष पूर्व अस्मिता कुमारी से प्रेम विवाह किया था. अस्मिता भी पूर्व में मलयपुर पावर ग्रिड में कार्यरत थीं. वर्ष 2024 में एमवीआइ बनने के बाद उनकी पोस्टिंग सुपौल में हुई थी. इस घटना ने एक बार फिर रेल यात्रियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों, परिजनों तथा विद्युत विभाग के सहकर्मियों ने अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी, कड़ी से कड़ी सजा तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है.

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