Godda Weather: अगस्त की झमाझम बारिश से गोड्डा में टूटा पिछले साल का रिकॉर्ड
Godda Weather सांकेतिक तस्वीर (AI Image)
गोड्डा जिले में अगस्त की झमाझम बारिश ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. पर्याप्त पानी मिलने से धान की रोपनी में तेजी आई है और किसानों में खुशी का माहौल है.
गोड्डा: जिले में इस बार मानसून ने ऐसा रंग दिखाया है कि पिछले साल का वर्षापात रिकॉर्ड भी पीछे छूट गया है. जून महीने में बारिश की कमी से परेशान किसान अब राहत की सांस ले रहे हैं. जुलाई के दूसरे पखवाड़े से सक्रिय हुए मानसून ने अगस्त में रफ्तार पकड़ ली है, जिससे खेतों में धान रोपनी तेजी से आगे बढ़ी है. लगातार हो रही बारिश ने खेती को नई उम्मीद दी है और जिले में कृषि गतिविधियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं.
पिछले साल से अधिक हुई बारिश, खेती को मिला नया जीवन
गोड्डा जिले में लगातार हो रही बारिश ने वर्षापात के मामले में पिछले वर्ष के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है. जून महीने में सामान्य से कम बारिश होने के कारण किसान चिंतित थे और धान रोपनी का कार्य काफी धीमा था. हालांकि, 15 जुलाई के बाद मानसून के सक्रिय होने से स्थिति बदलने लगी. अगस्त की शुरुआत से हुई तेज बारिश ने किसानों की उम्मीदों को नई उड़ान दी है. खेतों में पानी भरने से धान रोपनी का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और अधिकांश किसान खेती में जुट गए हैं.
जुलाई 2026 में सामान्य से काफी अधिक हुई वर्षा, जानें, वर्षापात स्थिति
| विवरण | वर्षापात |
| वास्तविक वर्षापात | 251.5 मिमी |
| सामान्य वर्षापात | 182.9 मिमी |
| पिछले वर्ष इसी अवधि में | 244.9 मिमी |
जुलाई में सामान्य वर्षापात से लगभग 68.6 मिमी अधिक बारिश दर्ज की गई.
ये भी पढ़ें- गोड्डा में चोरों का आतंक, 24 घंटे में तीन घरों से 7 लाख की संपत्ति चोरी
अगस्त के पहले छह दिनों में ही रिकॉर्ड बारिश
| विवरण | वर्षापात |
| वास्तविक वर्षापात | 253.1 मिमी |
| सामान्य वर्षापात | 96.9 मिमी |
| पिछले वर्ष इसी अवधि में | 155.7 मिमी |
सिर्फ छह दिनों में ही अगस्त का वर्षापात सामान्य मासिक औसत से कहीं अधिक दर्ज किया गया है, जिससे खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है.
प्रखंडवार वर्षापात: गोड्डा सदर सबसे आगे
| प्रखंड | जुलाई (मिमी) | अगस्त (1-6 अगस्त) (मिमी) |
| गोड्डा सदर | 281.4 | 358.8 |
| पथरगामा | 237.2 | 133.8 |
| बसंतराय | 229.6 | 82.6 |
| महागामा | 137.2 | 82.2 |
| मेहरमा | 164.4 | 43.6 |
| ठाकुरगंगटी | 109.6 | 28.6 |
| बोआरीजोर | 146.2 | 48.0 |
| सुंदरपहाड़ी | 170.0 | 80.6 |
| पोड़ैयाहाट | 128.4 | 42.2 |
ये भी पढ़ें- खूंटी में जल योजनाओं को रफ्तार, 1678 स्थानों पर जलापूर्ति योजना का हुआ हैंडओवर
किसानों में लौटी उम्मीद
लगातार हो रही बारिश से जिले के किसानों में उत्साह लौट आया है. जून में जहां बारिश की कमी के कारण खेती प्रभावित होने की आशंका थी, वहीं अब पर्याप्त पानी मिलने से धान की खेती को नई गति मिली है. यदि आने वाले दिनों में मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा तो जिले में इस वर्ष बेहतर उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है.
धान रोपनी में आया बड़ा बदलाव
बारिश का सबसे बड़ा असर धान रोपनी पर देखने को मिला है. 15 जुलाई तक जिले में केवल 10 प्रतिशत धान रोपनी हुई थी. जुलाई के अंत तक यह बढ़कर करीब 50 प्रतिशत पहुंच गई. वहीं, पांच अगस्त तक जिले में 75 से 80 प्रतिशत धान रोपनी का कार्य पूरा हो चुका है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार हो रही वर्षा से शेष खेतों में भी जल्द धान रोपनी पूरी होने की संभावना है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










